मुजफ्फरपुर में साइबर थाना पुलिस ने आटिर्फिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज में फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले शातिर शख्स को धर दबोचा है। उसके खिलाफ साइबर थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। गिरफ्तार करने के बाद उसे साइबर थाने पर लाया गया जहां एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने उससे लंबी पूछताछ की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार शख्स का नाम प्रमोद कुमार राज है जो जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव का रहने वाला है।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
जानकारी के अनुसार बीते दिन दो जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कथित बयानों वाले वीडियो-ऑडियो तेजी से वायरल होने की सूचना मिली थी। पहली नजर में यह वीडियो इतना वास्तविक प्रतीत हो रहा था कि आम लोग इसे असली मान बैठे, हालांकि, तकनीकी जांच में स्पष्ट हो गया कि यह सामग्री पूरी तरह फर्जी, एडिटेड और एआई तकनीक से तैयार की गई थी। इस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इंटरनेट से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक भाषणों, इंटरव्यू और वीडियो क्लिप्स को डाउनलोड किया। इसके बाद एआई आधारित ‘वॉयस क्लोनिंग टूल’ का उपयोग कर उनकी आवाज की हूबहू नकल तैयार की। इसके बाद तैयार की गई फर्जी आवाज को पहले से लिखी गई स्क्रिप्ट के अनुसार वीडियो में जोड़ा गया।
फेक वीडियो पर DSP ने क्या कहा
मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के इस फेक वीडियो में उनके चेहरे के हाव-भाव और लिप-सिंक मिलाने के लिए उन्नत एआई वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर का सहारा लिया गया जिससे असली और नकली में फक्र करना बेहद मुश्किल हो गया। साइबर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) हिमांशु कुमार ने बताया कि आरोपी ने पहले इस एडिटेड वीडियो-ऑडियो को अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट और मैसेजिंग ग्रुप्स में साझा किया। इसके बाद कंटेंट तेजी से अन्य प्लेटफॉर्म पर फैलता चला गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार शख्स को अदालत में पेश कर उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि उसके इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके।