नवादा : इंटरमीडिएट परीक्षा का समापन होते ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक की वार्षिक बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से जिले के 33 केन्द्रों पर होगी। परीक्षा की विभागीय व प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5.15 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों का पहली पाली में केन्द्र में प्रवेश 9 बजे तक तथा दूसरी पाली में दोपहर 1.30 बजे तक ही मिलेगा। इसके बाद परीक्षा देने आने वालों का केन्द्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। मैट्रिक की परीक्षा में कुल 35132 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस साल लड़कों से ज्यादा लड़कियां परीक्षा में शामिल होंगी।
मैट्रिक की परीक्षा में 17573 छात्राएं शामिल होंगी, जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 17559 है। प्रत्येक पाली में छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र को पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। बिहार बोर्ड की ओर से तय शिड्यूल के अनुसार 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा, 18 को गणित, 19 को द्वितीय भारतीय भाषा 20 को सामाजिक विज्ञान 21 को विज्ञान 23 को अंग्रेजी(सामान्य), 24 को ऐच्छिक विषय एवं 25 फरवरी को दोनों पालियों में व्यावसायिक ऐच्छिक विषय की परीक्षा ली जाएगी। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त रूप से सभी चयनित परीक्षा केन्द्रों के लिए केन्द्राधीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जा चुकी है।
बोर्ड के निर्देशानुसार 25 परीक्षार्थी पर कम से कम एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति की जानी है। डीएम व एसपी की ओर से संयुक्तादेश के तहत दंडाधिकारियों, पुलिस अफसरों व जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। चहारदीवारी फांद कर प्रवेश किया तो दो साल तक निष्कासन:- मैट्रिक परीक्षा में देर से पहुंचने पर केंद्र की चहारदीवारी फांदकर या अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले परीक्षार्थी दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित किए जाएंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही परीक्षा केन्द्र में परीक्षार्थी जूता- मोजा पहनकर नहीं जा सकेंगे। उन्हें चप्पल पहनकर परीक्षा देने जाना होगा। मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।
एक घंटा पहले मिलेगा प्रवेश
परीक्षार्थियों को दोनों पाली की परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जायेगा। यदि कोई परीक्षार्थी विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंचता है और जबरदस्ती प्रवेश करता है तो उसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन और क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में रखा जायेगा। साथ ही यह कदाचारहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास और आपराधिक कृत्य भी समझा जायेगा। बोर्ड ने कहा कि संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष परीक्षा से निष्कासित करने के साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति यदि कोई केंद्राधीक्षक देते हैं तो उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जायेगी।
भईया जी की रिपोर्ट