नवादा : वारिसलीगंज की बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। बिहार सरकार की कैबिनेट ने वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। नई मिल इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), नई दिल्ली की ओर से लगायी जाएगी। इससे नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
वारिसलीगंज चीनी मिल की स्थापना 1952 में मोहिनी शुगर वर्क्स के नाम से हुई थी। बाद में यह बिहार राज्य चीनी निगम के अधीन आ गयी। वर्ष 1993 में मिल का संचालन बंद हो गया था। करीब 33 साल बाद यहां नई चीनी मिल लगाने की मंजूरी मिलने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जगी है।नई चीनी मिल की स्थापना के लिए वारिसलीगंज अंचल के मकनपुर मौजा में 99.39 एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है। इस जमीन को गन्ना उद्योग विभाग को स्वामित्व के साथ नि:शुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गयी है। परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है।
गन्ना उद्योग विभाग के आदेश और 28 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक के अनुसार, परियोजना के लिए बैंक मूल्यांकन प्रतिवेदन के आधार पर स्वीकृत लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग विशेष सहायता के रूप में दिया जाएगा। इस व्यवस्था से परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। नई चीनी मिल में गन्ने से चीनी बनाने के साथ उसके उप-उत्पादों के इस्तेमाल की भी योजना है। इसके तहत इथेनॉल, बिजली और प्रेसमड आधारित इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इससे गन्ने के बेहतर उपयोग के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है। गन्ना उद्योग विभाग के 15 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, मिल के लिए चार जिलों के कुल 1,373 गांवों को गन्ना आपूर्ति क्षेत्र के रूप में आरक्षित किया गया है।
नवादा: 710 गांव
नालंदा: 317 गांव
शेखपुरा: 277 गांव
जमुई: 69 गांव
इस व्यवस्था से इन जिलों के गन्ना किसानों को नई मिल से जुड़ने का अवसर मिलेगा। किसानों को गन्ने का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और ढुलाई खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। नई चीनी मिल स्थापित होने से वारिसलीगंज और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। मिल के संचालन, गन्ने की ढुलाई, कृषि कार्यों और सहायक औद्योगिक इकाइयों में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं उत्पन्न होगी। इससे स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
भईया जी की रिपोर्ट