कोई भी पार्टी अनुशासन से चलती है। अगर किसी पार्टी में कोई भी सदस्य खुलेआम पार्टी की नीतियों के विपरित बात करेगा तो अराजक स्थिति हो जाएगी। ऐसे में पार्टी अपने हिसाब से तय करती है कि किस तरह अनुशासन बनाए रखा जाए। यह कहना है JDU के वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का जिन्होंने पहली बार अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने पर मीडिया के समक्ष खुलकर बात की। संजय झा ने मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह पर पार्टी द्वारा की गई कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहरा हुए स्पष्ट किया कि पार्टी में हर फैसला अनुशासन के दायरे में लिया जाता है।
पार्टी के फैसलों में किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत सहमति या असहमति से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
कार्रवाई पर नीतीश कुमार ने लगाई मुहर
संजय झा ने आगे कहा कि यदि पार्टी में अनुशासन न हो तो स्थिति पूरी तरह अराजक हो जाएगी। जिस तरह से हाल के एमएलसी चुनाव के दौरान पार्टी के निर्णयों के खिलाफ सब कुछ चल रहा था, उसे देखते हुए पार्टी ने यह अनुशासनात्मक कदम उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जदयू के इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। संजय झा ने कहा कि जदयू में कोई भी निर्णय सभी की सहमति से किया जाता है। इस निर्णय पर अंतिम मुहर पूर्व सीएम नीतीश कुमार लगाते हैं। ऐसे में यह पार्टी का फैसला हो जाता है और सभी को मानना होता है। चाहे वह किसी को पसंद हो या नहीं हो। विदित हो कि एमएलसी चुनाव का रिजल्ट आ जाने के बाद भी अनंत सिंह को जदयू से निकाले जाने का मामला ठंड होने का नाम नहीं ले रहा है और इसे लेकर बयानबाजी का दौर अभी भी जारी है।
इधर विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार की जीत पर अनंत सिंह ने कहा कि यह जनता का फैसला है और उन्हें यह फैसला स्वीकार है। अनंत सिंह ने कहा कि वह जनता के फैसले का सम्मान करते हैं। इसके बाद अपने पूर्व के तेवर से यू टर्न लेते हुए अनंत ने कहा कि वह अपनी पार्टी के खिलाफ न पहले कुछ बोल रहे थे और न आगे ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव के नतीजों से कोई निराशा नहीं है, जनता ने जिसे चुना है, उसका फैसला सर्वोपरि है। साफ है कि अनंत सिंह को एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद अपनी गलती का अहसास होने लगा है और वे फिर किसी तरह से पार्टी के सामने अपने को बनाए रखने की मंशा रख रहे हैं।
