अरवल – जिला पदाधिकारी अरवल अमृषा बैंस के निर्देशानुसार समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में अपर समाहर्ता, अरवल रवि प्रसाद चौहान द्वारा दीप प्रज्वलित कर कृषि वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम से संबंधित एकदिवसीय जिला स्तरीय वार्षिक आवृत्ति चर्या-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को खरीफ मौसम से संबंधित कृषि कार्यों, विभागीय योजनाओं, तकनीकी पहलुओं तथा किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करना और कृषि गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना रहा।

उद्घाटन के अवसर पर अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान ने कृषि क्षेत्र में योजनाबद्ध कार्यप्रणाली, विभागीय समन्वय तथा किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
इसी उद्देश्य से फसल कटनी प्रयोग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए DGCES ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से फसल कटनी प्रयोग संपन्न कराया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से फसल कटनी प्रयोग से संबंधित आँकड़ों एवं आवश्यक साक्ष्यों को अपलोड करते ही संबंधित डेटा भारत सरकार के स्तर पर भी उपलब्ध हो जाता है। फसल कटनी प्रयोग के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करना तथा सही एवं प्रमाणिक जानकारी अपलोड करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सभी फसल कटनी प्रयोगकर्ताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे प्रयोग के दौरान विशेष सावधानी बरतें तथा कटनी के उपरांत प्राप्त उपज का सही वजन सुनिश्चित करें। कटनी प्रयोग की प्रक्रिया के दौरान लिए जाने वाले फोटोग्राफ में कटनी प्रयोग से संबंधित गतिविधियाँ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। इसी प्रकार, वजन करते समय लिए गए फोटो में वजन मशीन पर प्रदर्शित वास्तविक वजन तथा अनाज स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, ताकि अपलोड किए गए औंकड़ों का सत्यापन किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, जिला एवं प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित फसल कटनी प्रयोगों का सतत निरीक्षण एवं अनुश्रवण करें। पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर फसल कटनी प्रयोग की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी प्रयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हो रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आँकड़ों की शुद्धता, वजन की प्रमाणिकता, फोटोग्राफ की स्पष्टता तथा ऐप एवं पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
खरीफ मौसम की तैयारियों एवं कृषि तकनीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान खरीफ मौसम में धान सहित अन्य खरीफ फसलों की खेती की तैयारी, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, संतुलित उर्वरक प्रयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, फसल प्रबंधन तथा कृषि विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया।

किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना, फसल की लागत को नियंत्रित करने के उपायों की जानकारी देना तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कृ षि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की तकनीकी जानकारी और कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया, ताकि वे किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन दे सकें।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर जोर
कार्यक्रम में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाने पात्र किसानों को योजनाओं से जोड़ने तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्र स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने के महत्व को रेखांकित किया गया। किसानों को समय पर कृषि संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने से कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
साथ ही, कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में करें तथा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियाँ अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। कृषि विकास के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक जिला प्रशासन, अरवल द्वारा कृषि क्षेत्र के विकास, किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा कृषि संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विभाग के कार्यों में दक्षता बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि परामर्श उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से कृषि वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम में कृषि कार्यों के सफल संचालन, किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी किसान सलाहकार के साथ राजस्व कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
