नवादा : जिले के वारिसलीगंज-खरांठ पथ पर टोल प्लाजा निर्माण के लिए बिना सूचना दिए रैयती जमीन पर मिट्टी भराई शुरू करने का किसानों ने जोरदार विरोध किया है। सौर-चंडीपुर गांव के किसानों ने सड़क किनारे चार घंटे तक धरना देकर अपना आक्रोश जताया। धरने की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने फिलहाल मिट्टी भराई का काम रुकवा दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि जमीन की विधिवत मापी कराने के बाद ही आगे का काम किया जाएगा।
वहीँ, चंडीपुर-सौर गांव के किसान अरविंद सिंह ने बताया कि पिछले 10 दिनों से खरांठ पथ पर चंडीपुर गांव के सामने हिम्स अस्पताल से पूरब सड़क किनारे किसानों के खेतों में बिना किसी सूचना के मिट्टी भराई की जा रही थी। इससे नाराज किसानों ने जिलाधिकारी नवादा, पथ निर्माण विभाग, भू-अर्जन विभाग और वारिसलीगंज अंचल कार्यालय को लिखित सूचना दी। इसके बाद किसानों ने धरना शुरू कर दिया।
धरने की सूचना मिलने पर पथ निर्माण विभाग के दो कनीय अभियंता और वारिसलीगंज अंचल के अमीन मौके पर पहुंचे। और उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जमीन की विधिवत मापी कराने के बाद ही टोल प्लाजा का निर्माण कराया जाएगा। यदि मापी में किसी किसान की रैयती जमीन निर्माण की जद में आती है, तो सरकारी दर पर उचित मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल मिट्टी भराई के काम पर रोक लगा दी गई है।
पथ निर्माण विभाग के कनीय अभियंताओं ने कहा कि बिना मापी के कोई निर्माण नहीं होगा और किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी। धरने में किसान अरविंद सिंह, अनिल सिंह, छोटू महतो, राजो राउत, महेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन अधिग्रहित करने का प्रयास किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट