नवादा : जेल की ऊंची दीवारें भले ही किसी व्यक्ति की आजादी सीमित कर दें, लेकिन शिक्षा हासिल करने और बेहतर भविष्य की उम्मीद को नहीं रोक सकतीं। मंडल कारा में बंदियों को शिक्षा, साक्षरता, कंप्यूटर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जोड़ने की पहल की जा रही है। यहां कोई मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा है, तो कोई इंटर की परीक्षा की तैयारी में जुटा है। निरक्षर बंदियों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान दिया जा रहा है।
मंडल कारा में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) के माध्यम से बंदियों को मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। जेल से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 85 पुरुष बंदी मैट्रिक स्तर की शिक्षा से जुड़े हैं, जबकि 14 पुरुष बंदी इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के जरिये ये बंदी अपनी जानकारी बढ़ाने और भविष्य के लिए नयी संभावनाएं तलाशने का प्रयास कर रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के माध्यम से बंदियों को पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 पुरुष बंदी सीएनएफ कोर्स में शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को औपचारिक शिक्षा और ज्ञान हासिल करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मंडल कारा में निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत 101 पुरुष और 40 महिला बंदियों सहित कुल 141 बंदी साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े हैं। इस पहल के जरिये उन्हें पढ़ने-लिखने और रोजमर्रा के जीवन में लिखित जानकारी का उपयोग करने योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला बंदियों को भी शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और आगे की संभावनाओं के लिए तैयार हो सकें। बदलते दौर में तकनीकी ज्ञान की जरूरत को देखते हुए मंडल कारा में बेसिक कंप्यूटर कोर्स की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। वर्तमान में 35 पुरुष बंदी इस कोर्स से जुड़े हैं। कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान उन्हें तकनीक की समझ विकसित करने और जेल से बाहर आने के बाद अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर तलाशने में मदद कर सकता है।
मंडल कारा में 31 पुरुष बंदी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसके माध्यम से वे नियमित अध्ययन और अभ्यास के जरिये अपनी जानकारी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बंदियों के लिए अध्ययन सामग्री और उचित मार्गदर्शन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपनी योग्यता के अनुरूप आगे बढ़ सकें। मंडल कारा के अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि बंदियों के लिए पढ़ाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें मैट्रिक, इंटर, साक्षरता, कंप्यूटर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जोड़ने की व्यवस्था की गयी है, ताकि वे जेल में रहते हुए भी शिक्षा प्राप्त कर सकें।
जेल में शिक्षा की उपलब्धता बंदियों को ज्ञान हासिल करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य के लिए बेहतर विकल्प तलाशने का अवसर देती है। शिक्षा कानून के प्रति जवाबदेही का विकल्प नहीं है, लेकिन यह व्यक्ति को अपनी क्षमताओं को विकसित करने और आगे बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती है। मंडल कारा में चल रही शैक्षणिक गतिविधियां इसी दिशा में एक प्रयास हैं। इन पहलों को निरंतर जारी रखना और पढ़ाई पूरी करने वाले बंदियों को आगे की शिक्षा व कौशल विकास के अवसरों से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
भईया जी की रिपोर्ट