वैशाली के करताहा थाना क्षेत्र में एक शख्स ने आज शनिवार की सुबह जमीन और मकान के विवाद में अपने ही सहोदर छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना करताहा के धनुषी गांव में घटी जहां मृतक की पहचान सोमनाथ सिंह के रूप में हुई है। जबकि हत्यारोपी बड़ा भाई सुरेश प्रसाद सिंह सेना से रिटायर जवान बताया जा रहा है। वारदात के बाद आरोपी पिस्टल लेकर सीधे SSP शुभांक मिश्रा के कार्यालय जा पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पत्नी।को भी गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार सुरेश सिंह और सोमनाथ सिंह एक ही मकान में रहते थे, जबकि उनका तीसरा भाई कृष्णा सिंह अलग मकान बनाकर रहता है। सुरेश और सोमनाथ के बीच जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव में कई बार पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन दोनों भाइयों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

बताया जा रहा है कि इसी पुराने विवाद के चलते दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को एकबार फिर विवाद हुआ था जिसने आज शनिवार की सुबह हिंसक रूप ले लिया और गोलीबारी में सोमनाथ सिंह की जान चली गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलने पर सदर SDPO-2 गोपाल मंडल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करताहा थाने की पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से पांच खोखे बरामद किए गए हैं। वहीं, मृतक के शरीर पर गोली लगने से हुए दो जख्म के निशान मिले हैं। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाकर अनुसंधान तेज कर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल लाइसेंसी बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद हत्यारोपी सुरेश प्रसाद सिंह पिस्टल लेकर SSP शुभांक मिश्रा के कार्यालय पहुंचा और सरेंडर कर दिया। इसके बाद करताहा थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि, उसकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सदर SDPO-2 ने बताया कि जमीन और मकान के विवाद में सुरेश प्रसाद सिंह ने अपने सगे भाई सोमनाथ सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा है। मामले में जमीन विवाद के पुराने कारणों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच की जा रही है।
