सिवान में बीती शाम जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव स्थित एक घर में पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट में अब मृतकों की संख्या 7 हो गई है। ब्लास्ट में पांच लोगों की तत्काल मौत हो गई, जबकि घायलों में शामिल 2 और लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया। धमाका इतना जोरदार था कि इमारत टूटकर गिर गई और मलबे में लाशें दब गईं। धमाके के बाद करीब 4 घंटे तक वहां रुक—रुक कर विस्फोट होते रहे जिससे रेस्क्यू कार्य में रुकावट आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जबर्दस्त था कि मृतकों की लाशें क्षत-विक्षत हो गईं और उनके अंग दूर-दूर जा गिरे। मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में बदल गया।
विस्फोट के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। सिवान डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य चलाया। बताया गया कि अलमापुर गांव में अमीरुद्दीन के मकान में पटाखा बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और मकान क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। धमाका सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटे और वहां का मंजर देख सहम गए। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके के बाद घटनास्थल पर बेहद भयावह दिखा जिसमें मलबे में शव और उनके अंग बिखरे पड़े थे। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत बुरी तरह टूट गई। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है।
प्रशासन की ओर से 5 लोगों की मौत की शुरुआती पुष्टि की गई थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई। घटना के समय मकान में कितने लोग मौजूद थे और कितने लोग घायल हुए, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को इलाज मुहैया कराने और घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य पूरा करने की है। डीएम ने बताया कि मकान में पटाखा बनाने की सूचना मिल रही थी और इसी मकान में विस्फोट हुआ है। वहीं, एसपी भारत सोनी के मुताबिक, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर विस्फोट के समय मकान में सात लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई थी। मामले में पटाखा निर्माण के लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद जामो थानाध्यक्ष धीरज कुमार और चौकीदार चंद्रिका माझी को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए महाराजगंज एसडीपीओ अमन के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान में पटाखा बनाने का काम किस तरह किया जा रहा था और इसके लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल की टीम पता लगा रही है कि धमाका किन परिस्थितियों में हुआ।