नवादा : बिहार सरकार की ओर से भूमिहीन दलित और महादलित परिवारों को अभियान बसेरा के तहत तीन डिसमिल जमीन देने की घोषणा के बाद नवादा में इसका लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग समाहरणालय पहुंच रहे हैं। सोमवार को समाहरणालय परिसर में सुबह से ही महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की भीड़ जुट गयी। जमीन मिलने की उम्मीद में लोग भूमि का पर्चा कटवाने के लिए कतार में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।

समाहरणालय परिसर में अचानक बढ़ी भीड़ के कारण अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनने लगी। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे लोगों का कहना था कि सरकार की इस पहल से उन्हें वर्षों से चली आ रही भूमिहीनता से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है। कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ सुबह ही समाहरणालय पहुंच गयी थीं। लोग आवश्यक कागजात लेकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
समाहरणालय में भीड़ बढ़ने की सूचना मिलने पर नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने लोगों को व्यवस्थित तरीके से अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी से परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।
अभियान बसेरा के तहत जमीन मिलने की उम्मीद ने गरीब परिवारों में उत्साह बढ़ाया है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग आवश्यक कागजात के साथ समाहरणालय पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

भईया जी की रिपोर्ट
