नवादा : जिउतिया पर्व को लेकर सब्जी बाजार गुलजार रहा। संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताएं शनिवार को निर्जला व्रत आरंभ किया। रविवार को व्रती महिलाएं व्रत का पारण करेगी। इसके पूर्व विभिन्न प्रकार की सब्जियों और पूजन सामग्री की खरीदारी की। पर्व को लेकर सब्जियों की मांग बढ़ने के साथ इनके भाव में भी तेजी देखने को मिली। महंगाई का असर ऐसा रहा कि कई लोग किलो-दो किलो की जगह पाव भर या जरूरत के अनुसार ही सब्जियां खरीदते नजर आये।

जिउतिया पर्व पर अगस्त के फूल की सब्जी का विशेष महत्व माना जाता है। पर्व को लेकर इसकी मांग बढ़ गयी। बाजारों में अगस्त का फूल 250 रुपये किलो तक बिका। अधिक कीमत के बावजूद कई खरीदारों ने पर्व की जरूरत को देखते हुए इसकी खरीदारी की। सब्जियों के बढ़े भाव ने खरीदारों की परेशानी बढ़ा दी। बाजार में झिंगी, गोलवा साग, केराए के दाने और खीरा 160 रुपये किलो तक बिके। फूलगोभी 100 रुपये, बैंगन और बोड़ा 80 रुपये, करेला 40 रुपये और कंदा 30 रुपये किलो रहा। वहीं मड़ुआ का आटा 200 रुपये किलो बीक्री की गयी।
जिउतिया मां और संतान के बीच अटूट स्नेह का पर्व माना जाता है। माताएं बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना को लेकर निर्जला व्रत करती हैं। यही वजह है कि महंगाई के बावजूद पर्व की तैयारियों में महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। गृहिणी सरिता देवी ने कहा कि जिउतिया साल में एक बार आता है। सब्जियों के दाम काफी बढ़े हैं, लेकिन बेटे की सलामती के लिए पर्व की तैयारी में कोई कमी नहीं रखी है।वहीं खरीदार पूजा देवी ने कहा कि महंगाई जरूर है, लेकिन जिउतिया का उत्साह अलग है। अगस्त का फूल महंगा मिला, फिर भी जरूरत के मुताबिक खरीद लिया।
भईया जी की रिपोर्ट

