बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। आज मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीबीटी के माध्यम से 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में 7—7 हजार की राशि ट्रांसफर की। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और आपदा मंत्री रत्नेश सदा भी मौजूद थे। बताया गया कि 7-7 हजार की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। राशि ट्रांसफर के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि राहत राशि से कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने दुर्गापूजा से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लाने की दिशा में तेजी से काम करने का निर्देश भी दिया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि जिन बाढ़ पीड़ित परिवारों का नाम छूट गया है, उन्हें भी एक सप्ताह के भीतर राशि मुहैया करा दी जाएगी।

बिहार में 15 जिले बाढ़ से प्रभावित
सरकार का स्पष्ट कहना है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
जानकारी के अनुसार राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतों के 2,642 गांव और 21 शहरों के कई वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य के लिए 21 टीमें तैनात की गईं। इसके अलावा 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई का संचालन किया गया, जहां प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक लोगों के घरों और खेतों से पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक राहत शिविर और सामुदायिक सहायता का काम जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से पूरी तरह पानी कब तक निकल जाएगा। अधिकारियों ने दुर्गापूजा से पहले अधिकांश इलाकों से पानी निकलने की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले एक महीने के भीतर, दुर्गापूजा से पहले, सड़कों और अन्य क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पूरी कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सड़क, बांध या अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां तेजी से बहाली का काम किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अफसरों से यह भी कहा किराशि हस्तांतरण करते हुए कहा कि कोई छूट गया हो तो एक सप्ताह के अंदर सबको जोड़ने का प्रयास करिए। हर हालत में उनका नाम जोड़िये, कोई भी पीड़ित छूटना नहीं चाहिए। विदित हो कि इस बार की बाढ़ में करीब 49.46 लाख आबादी चपेट में आई है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अब 13 राहत शिविर संचालित हैं। इनमें 11,060 लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उधर केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है। हालांकि बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के दीघा घाट, गांधीघाट और हाथीदह, भागलपुर के कहलगांव, मुंगेर, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली में घाघरा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

