नवादा : समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) श्री विवेक ठाकुर की अध्यक्षता में दिशा की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
बैठक के प्रारंभ में जिलाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने सांसद का पौधा भेंट कर स्वागत किया तथा जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों एवं प्रमुख उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। निदेशक, डीआरडीए श्री धीरज कुमार द्वारा पीपीटी के माध्यम से विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान विभागवार योजनाओं की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में त्वरित ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम, मध्याह्न भोजन योजना एवं सर्वशिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आपूर्ति, सहकारिता, शौचालय निर्माण योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण योजना, कृषि सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में सांसद द्वारा दिव्यांगजन सशक्तीकरण के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि बैटरी चालित ट्राईसाइकिल, सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग आदि के वितरण कार्यक्रमों की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से दी जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से इन योजनाओं एवं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी अधिक से अधिक पात्र लाभुकों तक पहुंचाई जा सकेगी।
इसके साथ ही सांसद ने स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर विशेष बल देते हुए कहा कि सदर अस्पताल एवं सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित करने तथा आपातकालीन सेवाओं एवं एंबुलेंस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही, सभी प्रखंडों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित करने हेतु सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया ।
इसके साथ ही बैठक में उपस्थित विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सांसद के समक्ष रखा गया। माननीय सांसद द्वारा सभी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं नियमानुसार समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सांसद ने बायोगैस के महत्व एवं उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बायोगैस एक नवीकरणीय एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जिसका उत्पादन जैविक कचरे के अपघटन से होता है। उन्होंने बायोगैस संयंत्र में डाइजेस्टर टैंक एवं बैक्टीरिया की भूमिका, खाना पकाने में बायोगैस के उपयोग तथा इसके माध्यम से प्रदूषण में कमी लाने के साथ-साथ प्राप्त होने वाली जैविक खाद के लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में बायोगैस को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान पोर्टेबल सॉइल टेस्टिंग मशीन का डेमो प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि यह मशीन महज 45 मिनट में मिट्टी के 14 प्रमुख मापदंडों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराती है।
इसके माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता एवं पोषक तत्वों की स्थिति का आकलन कर किसानों को फसल के अनुसार कितनी मात्रा में किस उर्वरक का प्रयोग करना है, इसकी जानकारी दी जा सकेगी। माननीय सांसद-सह-अध्यक्ष, दिशा द्वारा बताया गया कि सांसद निधि से जिले के सभी प्रखंडों में पोर्टेबल सॉइल टेस्टिंग मशीन उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। इससे किसानों को अपने खेत की मिट्टी की जांच स्थानीय स्तर पर ही कराने की सुविधा मिलेगी तथा मिट्टी की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक के संतुलित एवं उचित प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है।
योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर कुल ₹40,000 तक, 2 किलोवाट पर ₹80,000 तक तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर अधिकतम ₹98,000 तक की सब्सिडी/सहायता का प्रावधान बताया गया है। इस योजना का उद्देश्य घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर घरेलू बिजली खर्च को कम करना तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जिले के कुछ लाभुकों, संबंधित एजेंसियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को माननीय सांसद द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उन्हें योजना के सफल क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किय।
सांसद ने जिलेवासियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर सोलर पैनल स्थापित कर सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी एवं योजना के अन्य लाभों का लाभ उठाएं तथा अन्य लोगों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल घरेलू बिजली खर्च को कम किया जा सकता है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
बैठक के अंत में अपर समाहर्ता, नवादा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बैठक का समापन किया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक,उप विकास आयुक्त, माननीय विधायक, हिसुआ, माननीय विधायक, रजौली, माननीय विधान पार्षद, नगर परिषद की वार्ड पार्षद अध्यक्षा श्रीमती पिंकी देवी सहित जिले के विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं माननीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट