केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के संस्थापक जीतन राम मांझी क बेटे संतोष सुमन ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार क नाम पर उनके गृह शहर बख्तियारपुर का नाम रखने की मांग की है। बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इसकी मांग करते हुए कहा कि बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर कर दिया जाए। मंत्री संतोष सुमन की मांग पर सीएम सम्राट ने भी बड़ बयान देते हुए कहा कि वे भी बख्तियारपुर का नाम बदलने के पक्ष में हैं। विदित हो कि बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग काफी पहले से हो रही है। मंत्री संतोष सुमन ने नालंदा के बख्तियारपुर का नाम बदलने और नीतीशपुर करने की मांग अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये की।
मंत्री संतोष सुमन ने एक्स पर लिखा कि बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है। यह उस महान जननेता की जन्मभूमि है जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन से बिहार की राजनीति, विकास और शासन की दिशा को एक नई पहचान दी। नीतीश कुमार जी की जीवन-यात्रा, संघर्ष और असंख्य स्मृतियां इस धरती से जुड़ी हुई हैं। बिहार को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की नई राह देने वाले ऐसे जननेता की जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना केवल एक स्थान का नाम बदलना नहीं होगा, बल्कि उस मिट्टी के गौरव, उसके इतिहास और उससे जुड़ी जनभावनाओं को सम्मान देना होगा। इसी भावना के साथ मैं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के समक्ष बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने का प्रस्ताव रखता हूं।
मंत्री संतोष सुमन की इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वे भी बख्तियारपुर का नाम बदलना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। ज्ञात हो कि पटना से सटे बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग काफी वर्षों से चली आ रही है। हालांकि तब बिहार के सीएम रहे नीतीश कुमार खुद ऐसा कुछ करने के पक्ष में कभी नहीं रहे। बख्तियारपुर नाम इस्लामी शासक बख्तियार खिलजी के नाम पर रखा गया था। बख्तियार खिलजी वही शासक था जिसने नालंदा के प्रसिद्ध प्राचीन विवि को जला दिया था। हालांकि राजद ने पहले इसपर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसी साल मई में जब अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी संगठन एवं उत्तराधिकारी संगठन द्वारा बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग उठाई गई थी। तब आरजेडी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि सम्राट सरकार नीतीश कुमार की निशानियों को चुन-चुन कर मिटाने की तैयारी में लगी हुई है। आरजेडी ने कहा था कि सीतामढ़ी राजकीय मेडिकल कॉलेज और जैविक उद्यान का नाम पहले ही बदला जा चुका है। अब नीतीश कुमार की जन्मभूमि का नाम भी बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है।