नवादा : जिले के हसुआ में प्रणय भारती उर्फ पीयूष की हत्या के बाद उपजे तनाव और उसके बाद की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हसुआ थाना क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद भीड़ जुटाने, हंगामा, कथित आपत्तिजनक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर विवादित सामग्री के प्रसार से जुड़े मामलों में पांच नई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े दो मामलों को मिलाकर अब तक सात प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं।

पुलिस के अनुसार, इसी कार्रवाई के क्रम में मोनू सिंह और कन्हैया सिंह के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला हत्या की मूल घटना के बजाय उसके बाद हुए जुटान और उससे जुड़े घटनाक्रम से संबंधित बताया गया है। मोनू सिंह को रणवीर सेना के संस्थापक दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया का पोता बताया जाता है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है।
पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी के खिलाफ साइबर थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामला सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से ऐसी सामग्री के प्रसार से जुड़ा है, जिससे सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकी में दर्ज आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सामग्री को लेकर भी पुलिस सतर्क है। पुलिस के अनुसार, विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, विवादित और आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिलने के बाद साइबर थाना में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अन्य पोस्ट को भी चिन्हित किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संबंधित सामग्री हटाने के लिए आर्थिक अपराध इकाई से समन्वय किया जा रहा है। जिला पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचना, अफवाह या ऐसी सामग्री साझा न करें, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के अनुसार, मुख्य अभियुक्त नीरज कुमार उर्फ कारू डॉन के खिलाफ घटना के 72 घंटे के भीतर न्यायालय से वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई प्राप्त की गई। इश्तेहार का तामिला होने के बाद अभियुक्त ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार, मामले में संलिप्त बताए जा रहे अन्य 10 अभियुक्तों के खिलाफ भी न्यायालय से वारंट प्राप्त किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, मृतक के पिता मनीष भारती ने हिसुआ थाना में दिए आवेदन में कहा है कि उनका और उनके परिवार का किसी जुलूस, मजमा बनाकर विरोध, जातीय विवाद अथवा उन्माद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने घटना को जातीय विवाद का रूप नहीं देने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचने की बात कही है।

गौरतलब है कि 1 सितंबर को हसुआ के पांचूगढ़ मोहल्ले में गोलीबारी हुई थी। इसमें प्रणय कुमार भारती उर्फ पीयूष की मौत हो गई थी। दूसरे पक्ष के चंदन कुमार और अखिलेश कुमार के घायल होने की बात पुलिस ने कही है। घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन, बाजार बंद, विभिन्न संगठनों के जुटान और कैंडल मार्च भी हुए।
अब पुलिस के सामने दो स्तरों पर जांच की चुनौती है कि एक तरफ मूल हत्याकांड में शामिल लोगों की भूमिका तय करना और दूसरी तरफ घटना के बाद किसी भी ऐसी गतिविधि पर रोक लगाना, जिससे जातीय तनाव बढ़ सकता है। विश्वशांति चौक सहित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और वरीय पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि हत्या की जांच कानून के दायरे में आगे बढ़े और उसके बाद की प्रतिक्रिया किसी नए विवाद या तनाव का कारण न बने।
भईया जी की रिपोर्ट
