नवादा : जिले के थानों में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में तमाम साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद एसपी तो एसपी मगध प्रक्षेत्र के आईजी की चुप्पी से जिले के नागरिक परेशान हैं। ताज़ा मामला जिले के रजौली थाने का है। एक लाख रुपये गायब होने की शिकायत लेकर थाने पहुंचे चालक के मामले में रजौली थाना अब खुद सवालों के घेरे में है। रविवार सुबह शिकायत से शुरू हुआ मामला रात तक चलता रहा और सोमवार सुबह 12 हजार रुपये के कथित लेन-देन के बाद मोबाइल वापस किए जाने की बात सामने आई।
चालक पक्ष का आरोप है कि यह रकम एक कथित बिचौलिए ‘सुमना’ के माध्यम से ली गई। सवाल यह है कि आखिर शिकायतकर्ता से रकम लेने की जरूरत क्यों पड़ी? चालक राजेश कुमार के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 10-11 बजे वह चार लोगों के साथ एक लाख रुपये गायब होने की शिकायत लेकर थाने पहुंचा। आरोप है कि सभी को थाने के अंदर एक कमरे में रखा गया।
उनके मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिए गए। दिनभर थाने के भीतर क्या बातचीत हुई, इसकी तस्वीरें और वीडियो चालक संघ के वाट्सएप ग्रुप में पहुंचते रहे। मामले की जानकारी मिलने पर जिला चालक संघ के अध्यक्ष राजेश यादव चार सदस्यों के साथ रात करीब 9-10 बजे थाने पहुंचे। इसके बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। करीब 12 बजे चंदन कुमार, सोनी कुमार, शिकायतकर्ता चालक राजेश कुमार, हिसुआ के चालक राजेश कुमार और नवीन कुमार को छोड़े जाने की बातें सामने आई।
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान पहले प्रति व्यक्ति सात हजार रुपये देने की बात कही गई। चालक राजेश का कहना था कि उसके एक लाख रुपये पहले ही गायब हैं, वह और पैसा कहां से देगा। इसके बाद कथित तौर पर 12 हजार रुपये में मामला तय होने और रकम दिए जाने का दावा किया गया। सोमवार करीब 10 बजे पांच मोबाइल फोन वापस किए गए। पूरे घटनाक्रम से कई सीधे सवाल खड़े होते हैं—शिकायतकर्ता को थाने में घंटों क्यों रखा गया? मोबाइल क्यों जमा कराए गए? 12 हजार रुपये किसके निर्देश पर लिए गए? रकम लेने वाला कथित बिचौलिया ‘सुमना’ कौन है और थाने से उसका क्या संबंध है?
सिरदला प्रखंड चालक संघ के अध्यक्ष रामाशीष कुमार ने बातचीत से जुड़े फोटो, वीडियो और फोन कॉल की जानकारी उपलब्ध कराई है। चालक ने कथित तौर पर रकम लेने वाले व्यक्ति की पहचान से इनकार किया है। अब इस मामले में रजौली थाने का CCTV सबसे अहम कड़ी बन सकता है। रविवार सुबह से सोमवार सुबह तक की रिकॉर्डिंग, मोबाइल जमा करने और वापस करने की प्रक्रिया तथा कथित लेन-देन की जांच हो तो कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
फिलहाल चालक ट्रक लेकर रजौली से जा चुका है। एक लाख रुपये कहां गए और 12 हजार रुपये आखिर किसके लिए लिए गए—इन दोनों सवालों का जवाब जांच से ही सामने आएगा? उक्त मामले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वैसे मैं वीडियो की पुष्टि नहीं करता। बता दें इसके पूर्व भी अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को लाभ- शुभ के बाद छोड़े जाने का वीडियो वायरल होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस अधिकारियों का मनोबल के साथ भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट