बिहार के कई जिलों में नदियों की तबाही लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। एक तरफ पटना के निकट पुनपुन नदी का रिंग बांध टूट गया है, वहीं रोहतास, कैमूर, खगड़िया से लेकर पटना, मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ और नदी कटाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर बह रहा है। नदी के उफान पर होने के कारण इसका रिंग बांध टूट गया है और पानी अब तेजी से मुख्य सुरक्षा बांध की तरफ बढ़ रहा है। एक पुराने पुल के पास साइड से पानी का तेज दबाव बनने के कारण यह कटाव हुआ। दूसरी तरफ सोन नदी में मप्र के बाणसागर बांध से छोड़े गए पानी के कारण बिहार में खतरा बढ़ गया है। इंद्रपुरी बैराज के 69 गेट खोलने पड़े जिससे रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पटना में पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और मुख्य सुरक्षा बांध को बचाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मजदूर रेत की बोरियां डालकर बांध को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इधर पटना में गंगा नदी कई स्थानों पर सड़कों तक पहुंच गई है। सोन नदी उफान पर है, जबकि नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी का रूप उग्र बना हुआ है। हिमनद पिघलने और बारिश के चलते गंडक नदी का जलस्तर भी कम नहीं हो रहा है। इसके अलावा बूढ़ी गंडक, बागमती, घाघरा और पुनपुन नदियां भी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं। सोन नदी का बढ़ा जलस्तर सिर्फ रोहतास तक सीमित नहीं है। भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल, पटना और सोन के किनारे बसे दियारा इलाकों पर भी इसका असर पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार मनेर क्षेत्र में सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है।
बाढ़ विशेषज्ञों और सरकारी आंकड़ों के अनुसार बिहार इस समय एक साथ कई जल स्रोतों के दबाव का सामना कर रहा है। एक तरफ नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियल झीलों से पानी आने का असर गंडक और कोसी पर दिख रहा है, दूसरी तरफ गंगा का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर है। अब बाणसागर से छोड़ा गया पानी सोन नदी में अतिरिक्त दबाव पैदा कर रहा है। यही वजह है कि राज्य के कई जिलों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है और जल संसाधन विभाग चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है। पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का कटाव गांवों को निगलने पर आमादा है तो कैमूर में कर्मनाशा नदी के उफान ने उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच संपर्क प्रभावित कर दिया है। खगड़िया में गंगा, गंडक और बागमती का बढ़ता जलस्तर बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। वहीं रोहतास जिले में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने के बाद लोगों को घर छोड़ना पड़ रहा है।