अरवल – पायस मिशन स्कूल परिसर में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर एक अत्यंत भावपूर्ण और गरिमामयी रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर स्कूल का माहौल पूरी तरह से उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ एक-दूसरे को राखी बांधी। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके मंगल की कामना की, तो वहीं भाइयों ने भी ताउम्र उनकी रक्षा और सम्मान करने का वचन दिया।
प्रबंधन और शिक्षकों ने बच्चों के इस सुंदर प्रयास की सराहना की और उन्हें इस पर्व के वास्तविक महत्व से अवगत कराया। रक्षाबंधन मात्र एक धागा नहीं, कर्तव्य और गहराई का प्रतीक है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने रक्षाबंधन के पावन पर्व की गहराई पर प्रकाश डाला। रक्षाबंधन का यह त्योहार महज रेशम के एक धागे का उत्सव नहीं है, बल्कि यह दो लाेगों के बीच विश्वास, सम्मान और अटूट निष्ठा का बंधन है।
भारतीय संस्कृति में यह पर्व केवल सगे भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करता है। राखी का यह पवित्र धागा हमें याद दिलाता है कि समाज में हर वर्ग और हर व्यक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि बच्चों में बचपन से ही एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सुरक्षा की भावना और सामाजिक समरसता के बीज बोए जा सकें।
इस पावन अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर राज कुमार, प्राचार्या सोनम मिश्रा, कॉर्डिनेटर प्रेम राजवंश और शिक्षिका कविता शर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों और उनके परिवारों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
