अरवल -जीविका, प्रखंड क्रियान्वयन इकाई, करपी के अंतर्गत आँचल जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की जीविका दीदियों ने अपना चौथा वार्षिक आमसभा उत्साहपूर्वक मनाया। सभा स्थल पर सैकड़ों जीविका दीदियों की उपस्थिति से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। इस वार्षिक आमसभा का उद्घाटन जीविका, जिला परियोजना प्रबंधक रागिनी कुमारी, करपी प्रखंड विकास पदाधिकारी रोहित कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक नारायण चौधरी, आँचल जीविका समिति की अध्यक्ष रंभा देवी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के पश्चात बारी-बारी से सभी अतिथियों ने अपना-अपना संबोधन किया।
जिला परियोजना प्रबंधक रागिनी कुमारी ने वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘गांव की गरीब महिलाओं को एक साथ जोड़ कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास करने के लिए जीविका एक बड़ा मंच प्रदान करती है।’ उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होती हैं तो न केवल उनका आर्थिक सशक्तिकरण होता है, बल्कि समाज में उनकी निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।
आँचल जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लि. के कार्यक्षेत्र अंतर्गत 5 ग्राम पंचायतों के कुल 21 राजस्व ग्रामों से आई हुई प्रतिनिधि सदस्य महिलाओं की उपस्थिति में इस सभा का आयोजन किया गया। सभा में जिला परियोजना प्रबंधक ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि बिहार स्वावलंबी सहकारी समिति अधिनियम 1996 के अंतर्गत निबंधित होने के चार वर्ष के भीतर ही समिति ने अपने कार्यक्षेत्र के सभी राजस्व ग्रामों से सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों में जोड़कर उनको आगे बढ़ाने में सराहनीय सहयोग किया है। समिति के कार्यक्षेत्र में कुल 754 स्वयं सहायता समूहों से 9372 परिवार की महिलाएं जुड़ी हैं और निरंतर लाभान्वित हो रही हैं।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक नारायण चौधरी द्वारा आँचल जीविका समिति की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा गया कि कुल 754 समूहों के साथ गठित इस समिति ने अपने गठन से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-2026 तक कुल प्राप्ति 1,84,16,526 रुपये एवं कुल भुगतान 5,01,24,115 रुपये की विशाल पूंजी का विविध मदों में प्राप्ति-भुगतान करते हुए 3,92,38,343 रुपये स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वितरित कर प्रखंड के सभी परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन परिलक्षित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। यह समिति की वित्तीय मजबूती और पारदर्शिता को दर्शाता है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी रोहित कुमार ने समिति की महिलाओं को भविष्य में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और उनके बेहतर कल हेतु शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समिति से जुड़े सभी कैडरों, जिसमें 62 जीविका मित्र, 7 बुककीपर, 1 सीएफ एवं 1 एमबीके को शामिल करते हुए कुल 98 कैडर हैं, सभी से अपनी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करते हुए दीदियों को प्रगति पथ पर लगातार अग्रसर रखने में सहयोग की अपेक्षा की।
समिति की अध्यक्ष रंभा देवी ने एक वर्ष की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि इस वित्तीय वर्ष में समिति में आईसीएफ के मूलधन वापसी के रूप में 31,35,222 रुपये, सामान्य ऋण मूलधन वापसी के रूप में 19,07,981 रुपये की वापसी हुई है तथा ग्राम संगठन आईसीएफ पर ब्याज वापसी के रूप में 4,75,273 रुपये और बैंक से ब्याज प्राप्ति के रूप में 1,10,713 रुपये की आय हुई है, जो समिति की सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती है। बैंक प्रबंधकों ने भी अपने संबोधन में समूह की महिलाओं के बैंक से जुड़ाव और बैंक ऋण की ससमय वापसी में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समूह की दीदियां समूह को अच्छे से चलाते हुए बैंक के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करेंगी ताकि बैंक उनके जीविकोपार्जन में और भी अधिक सहयोग कर सके।
आँचल जीविका समिति की अध्यक्ष रंभा देवी द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष का प्रगति प्रतिवेदन, अंकेक्षण रिपोर्ट, सदस्यों को हिस्सा प्रमाण पत्र का अनुमोदन, निदेशक मंडल के निर्वाचन पर विचार, सहायक संगठनों के अस्तित्व पर विचार एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना आदि मुख्य एजेंडा के रूप में विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इस अवसर पर जीविका कार्यालय से सोनू कुमार, किशोर कुमार मंडल, राजमनी देवी, मुकेश कुमार, दीपक कुमार, जीविका कैडर, प्रखंड की सैकड़ों जीविका दीदियां आदि सभी लोग उपस्थित थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट