नवादा : जिले के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति बिहार सरकार की घोर लापरवाही का आलम ये रहा कि ‘वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याणकारी नियमावली 2012 के आलोक में गठित राज्य परिषद की बैठक 2018 के आठ साल बाद 12 अगस्त 2026 को समाज कल्याण मंत्री डा० श्वेता गुप्ता की अध्यक्षता में सम्पन्न हू। नियमावली का अनुपालन हेतु 2018 में लिए गये निर्णयों का हवाला देते हुए अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग एच आर श्री निवास ने बताया कि सभी जिलों में वृद्धाश्रम स्थापित किया जाना था, किन्तु सिर्फ अबतक 04 जिले में ही वृद्धाश्रम स्थापित किये गये हैं, जिसमें वरिष्ठजनों के रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रचार-प्रसार के माध्यम से उपलब्ध वृद्धाश्रम में वृद्धों के रहने के लिए प्रेरित किया जायेगा। नवादा में स्थापित वृद्धाश्रम को ठीक ढंग से सुदृढ़ एवं व्यवस्थित करने की सख्त आवश्यकता है। नेशनल सीनियर सिटिजन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा० शिवकुमार मिश्र ने वृद्धावस्था पेंशन राशि 1100 से बढ़ाकर न्यूनतम 3000/- रू० किये जाने का प्रस्ताव सरकार को दिया। स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को शामिल करने एवं सरकारी कर्मचारियों द्वारा
वरिष्ठ नागरिकों के साथ नम्र व सम्मानजनक व्यवहार करने का आग्रह किया गया है। सरकारी एवं अर्द्धसरकारी अथवा निजी हॉस्पिटल्स के साथ-साथ बैंक,रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने एवं मृदुल मानवीय मूल्यों के मद्देनजर व्यवहार करने का अनुरोध किया गया, जिससे उनकी अंतरात्मा को हार्दिक सुकून आजीवन मिलता रहे। राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ के दीनानाथ उपाध्याय ने रेलवे में दी जा रही छूट को पुनः बहाल करने हेतु केन्द्र सरकार तथा रेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने का प्रस्ताव दिया।
राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ के राष्ट्रीय सचिव डा०प्रो.बच्चन कुमार पाण्डेय के अलावा श्री श्याम सुन्दर दूबे, अखिलेश प्रसाद सिंह,नागेन्द्र सिंह बंधु, दिनेश कुमार अकेला , राम नरेश सिंह, डॉ हरि यादव, डा० गनोरी पण्डित, उमाकांत रजक, गोपाल शर्मा, बीणा मिश्रा एवं अब्दुल रशीद अंसारी ने बैठक में लाये गये प्रस्ताव की प्रशंसा करते हुए सरकार से मांग की है कि वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 को अमल में लाने के लिए हर तीन महीने पर राज्य परिषद की बैठक बुलाई जाय।
भईया जी की रिपोर्ट