अरवल – नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, बिहार विगत 20 जुलाई को दिल्ली में संसद भवन पर हुए आन्दोलन और 22 जुलाई को पटना की सड़कों पर हुए छात्रों के प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों पर हमले की घटना की कड़े शब्दों में निंदा व दोषियों पर कार्रवाई की मांग करता है। पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश प्रवीर और महासचिव कृष्णकांत ओझा ने कहा है कि पेपर लीक मामले में मीडिया ने अपना सकारात्मक योगदान दिया है।
संसद मार्च को भी सलीके से कवरेज किया गया है। पटना में भी पत्रकारों ने छात्रों के प्रदर्शन को कवर करने के लिए ही सड़क पर गए। इसके बावजूद दिल्ली और पटना में पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों व कैमरामैन के साथ जिस प्रकार की बदसलूकी हुई, वह घटिया मानसिकता का प्रदर्शन है। बदसलूकी करने वाले यदि प्रर्शनकारी नहीं थे, तब भी इस बदसलूकी की जवाबदेही आन्दोलन करने वालों की ही बनती है।
केन्द्र व राज्य सरकार से हम मांग करते हैं कि पत्रकारों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और बदसुलूकी करने वाले तत्वों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई तथा कैमरे के नुकसान की भरपाई की जाए। इधर अरवल जिला इकाई के द्वारा पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की है जिला अध्यक्ष भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि पत्रकारों के साथ बदसलूकी घोर निंदनीय है।
निंदा करने वालों में अमरेश कुमार अमर, सुजीत कुमार सोनी ,बैजू कुमार ,रामकुमार सिंह, आशुतोष कुमार अजीत कुमार शर्मा रणविजय शर्मा देवेंद्र कुमार चंद्रभूषण कुमार शर्मा अंजनी कुमार अरविंद कुमार महेंद्र कुमार सुमित कुमार गौतम राहुल कुमार पिंटू कुमार दिलीप कुमार के अलावे दर्जनों पत्रकार शामिल है।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट