नवादा : जिले के सुप्रसिद्ध मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, न्यू एरिया के बहुद्देश्यीय सभागार में श्रावण मास, रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दो सत्रों में भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के बाल कलाकारों ने विविध नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। भव्य रूप से सुसज्जित सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के यशस्वी एवं प्रख्यात शिक्षाविद् तथा प्रेरणास्रोत, आदरणीय निदेशक डॉ. अनुज कुमार ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य गोपाल चरण दास तथा उप-प्राचार्य सुजय कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने प्रेरक संबोधन में विद्यालय के शिक्षाविद् निदेशक डॉ. अनुज कुमार ने कहा, “सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों के भीतर देशप्रेम, आध्यात्मिक चेतना, सृजनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। कला और संस्कृति जीवन को सुवासित करने वाले पुष्प हैं; इनकी सुगंध से विद्यालय का वातावरण सदैव महकता रहना चाहिए।”
प्राचार्य गोपाल चरण दास ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व-विकास में अत्यंत सहायक होती हैं। उप-प्राचार्य सुजय कुमार ने कहा, “हमारे विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनकी प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ अपनी गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराते हैं।
प्रथम सत्र की प्रस्तुतियों में कला, संगीत और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘स्वागत गीत’ में साक्षी, रूहीपरी, टूली, रिद्धिमा और स्नेहा के मधुर स्वरों ने वातावरण को सुरम्य बना दिया। आराध्या, सुप्रिया, सलोनी, खुशी एवं जिया की ‘मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू’ समूह-गीत प्रस्तुति ने अपनी लयात्मकता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से विशेष प्रशंसा बटोरी। ‘ रिद्धि, स्नेहिल, नंदिनी, अनुप्रिया, दिशा, मिली, आरसी एंड ग्रुप’ के बिहार फोक डांस में लोकलय और भारतीय संस्कृति की मनोहारी छटा देखने को मिली। आयुष, अर्णव, सचित एवं समूह की देशभक्ति नृत्य-प्रस्तुति ने दर्शकों में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार कर दिया। पीयूष एवं गूँजन द्वारा प्रस्तुत ‘ए गणेश के पापा’ समूह-गान भक्ति और भाव से ओत-प्रोत रहा। प्रथम सत्र के समापन पर अंश,अनमोल एवं मोहन की शिव-भक्ति गीत की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
द्वितीय सत्र की प्रस्तुतियाँ भी अत्यंत आकर्षक और प्रभावशाली रहीं। ‘अलवेला सजन आयो रे’ नृत्य में आन्या, पिहू एवं स्नेहा आदि ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। अमन राज ने ‘कजरी’ गीत की मधुर स्वर-लहरियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साक्षी, रूहीपरी, टूली, रिद्धिमा एवं स्नेहा की ‘तेरी मिट्टी में मिल जावाँ’ गीत-प्रस्तुति ने लय, गति और ऊर्जा का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। रीया एवं सानवी की ‘ ओ भोले नाथ जी’ प्रस्तुति श्रद्धा और भक्ति का सुंदर उदाहरण रही। राजलक्ष्मी,रानी सिमरन आदि की ‘सोजा जरा’ नृत्य-प्रस्तुति ने सभागार में उत्साह और उमंग भर दी। वहीं अंतिम प्रस्तुति ‘चाणक्य’ में स्नेहा, रानी राज आदि की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन जीत लिया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बाल कलाकारों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न के रूप में मेडल देकर सम्मानित किया गया। मंच-संचालन की जिम्मेदारी अंशु, केशव, आराध्या, शिवानी, शानवी, प्रज्ञा, साक्षी, अर्चित, निशांत, प्रेम, उज्जवल, प्रिया एवंअपराजिता ने संभाली। अपनी सुसंगठित भाषा, आत्मविश्वास एवं भाव-गाम्भीर्य से उन्होंने पूरे कार्यक्रम को अनुशासित, गरिमापूर्ण एवं रोचक बनाए रखा।
बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि विद्यार्थी केवल अकादमिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कला, संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण सुजय कुमार,विजय अकेला, बी. एन. झा, मुकेश कुमार,विपुल कुमार, चंद्रदीप प्रसाद, करण प्रकाश, अनुमेहा मैम, शबाना मैम, वंदना मैम, पुरुषोत्तम सर, पवन सर, अनिल सर सहित अन्य सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंततः देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत इस भव्य आयोजन का समापन राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की सामूहिक गूँज के साथ हुआ। राष्ट्रगान के दौरान पूरा सभागार देशप्रेम की भावना से अभिभूत दिखाई दिया और वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से आलोकित हो उठा।
भईया जी की रिपोर्ट