पटना/बाढ़ : पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में गंगा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध उमानाथ मंदिर परिसर में मंगलवार को भारत के चौथे राष्ट्रपति एवं महान स्वतंत्रता सेनानी वराहगिरि वेंकट गिरि (वी.वी. गिरि) की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वी.वी. गिरि ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। वे वर्ष 1969 से 1974 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 1975 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि वी.वी. गिरि का जीवन संघर्ष, सादगी, राष्ट्रसेवा और श्रमिक हितों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रहित एवं समाजसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमानाथ मंदिर के महंत उपेंद्र गिरि उर्फ कारू बाबा ने की, जबकि संयोजन युवा समाजसेवी सह भाजपा नेता संजय गिरि ने किया। कार्यक्रम के आयोजक उमेश गिरि ने आगत अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर उमानाथ मंदिर के महंत विश्वनाथ भारती, दीपक गिरि, अवकाशप्राप्त बैंक अधिकारी सुरेश चौधरी, अरुण कुमार गुप्ता, मुकेश यादव, अरुण महतो, रवि कुमार, अजीत कुमार, राजू कुमार, दीवाली महतो सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने वी.वी. गिरि के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा एवं सम्मान का माहौल बना रहा।