नवादा : जिले के सिरदला थाना क्षेत्र के बड़ही बीघा गांव में सोमवार की शाम अंधविश्वास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। अंतिम संस्कार के दौरान एक महिला को ‘डायन’ बताकर श्मशान घाट लाया गया और उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। भीड़ उग्र हुई तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला की जान बचा ली।
गांव के मनोज मांझी और अजय मांझी की पत्नी के बीच कुछ दिन पहले मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में गाली-गलौज भी हुई थी। इसके अगले दिन अजय मांझी की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। करीब दो दिन इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गयी है। सोमवार को परिजन और ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने गांव के पास स्थित श्मशान घाट पहुंचे। इसी दौरान मनोज मांझी की पत्नी सावित्री देवी को भी घाट पर बुलाया गया।
आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने सावित्री देवी पर मृतका की मौत के लिए जिम्मेदार होने और ‘डायन’ होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद माहौल बिगड़ गया और महिला को चिता के साथ जलाने की तैयारी की जाने लगी। घटना की सूचना मिलते ही सिरदला थाना के निर्देश पर डायल-112 की टीम सिपाही महफूज आलम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ के बीच फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एएसआई मुकेश कुमार, प्रियेश कुमार विद्यार्थी सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और महिला को थाने ले आए।
घटना के बाद बड़ही बीघा गांव के कई महिला-पुरुष थाने पहुंचे। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। अपर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष थाना पहुंचे हैं और मामले की जांच की जा रही है। अभी तक किसी पक्ष की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि श्मशान घाट पर घटनाक्रम कैसे बढ़ा और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? इस प्रकार पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
भईया जी की रिपोर्ट