नवादा : सावन का पावन महीना शुरू होते ही संपूर्ण जिला समेत नगर भगवान शिव की भक्ति में डूब गया है। नगर में जगह-जगह हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष सुनाई दे रहा है। भक्तिमय माहौल के बीच नगर का ऐतिहासिक साहेब कोठी शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग की महिमा निराली है। सावन में यहां पहुंचने वाले भक्त श्रद्धा के साथ शीश झुकाकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।
125 लाख रुद्राक्ष से सजा है शिवलिंग
साहेब कोठी शिव मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां का अद्भुत शिवलिंग है। शिवलिंग को 125 लाख रुद्राक्ष से सजाकर चांदी से आच्छादित किया गया है। रुद्राक्ष की मनमोहक सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले भक्त इस अलौकिक स्वरूप को भगवान शिव की विशेष कृपा का प्रतीक मानते हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही बिल्व पत्र चढ़ाने के साथ पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है।
सपने में मिला संकेत, खुदाई में प्रकट हुआ शिवलिंग
मंदिर की स्थापना की कहानी भी रहस्य और आस्था से जुड़ी हुई है। बताया जाता है कि वर्ष 1920 के आसपास रजिस्ट्री विभाग में पदस्थ एक बंगाली अधिकारी को लगातार दो रात सपने आये। सपने में उन्हें अपने कार्यालय के समीप जमीन के नीचे अर्धनारीश्वर शिवलिंग होने का संकेत मिला। इसके बाद अधिकारी ने बताए गये स्थान पर खुदाई करायी। जमीन के नीचे शिवलिंग मिलने के बाद वहां पूजा-अर्चना शुरू कर दी गयी। धीरे-धीरे यह स्थान अर्धनारीश्वर बाबा के रूप में प्रसिद्ध हुआ और आगे चलकर साहेब कोठी शिव मंदिर के नाम से जाना जाने लगा।
सोमवारी पर विशेष पूजा और रुद्राभिषेक
मंदिर के पुजारी अखिलेश झा ने बताया कि सावन की प्रत्येक सोमवारी को मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। शाम पांच बजे सामूहिक रुद्राभिषेक किया जाता है। इसके बाद शाम सात बजे बाबा का भव्य शृंगार किया जाता है।शाम 7:30 बजे आरती होती है और आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
आस्था के साथ सामाजिक समरसता का संदेश:
साहेब कोठी शिव मंदिर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता की मिसाल है। यहां भगवान शिव को साक्षी मानकर विवाह संपन्न कराये जाते हैं। जरूरतमंद परिवारों के लिए मंदिर परिसर में होने वाले विवाह सामाजिक सहयोग और धार्मिक आस्था का सुंदर उदाहरण हैं। विवाह के दौरान वैदिक मंत्रों और मंगल ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
सावन की सोमवारी पर बढ़ जाती है मंदिर की रौनक
सावन की सोमवारी पर साहेब कोठी शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। भक्त जलाभिषेक, पूजन और दर्शन कर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। 125 लाख रुद्राक्ष से सजा शिवलिंग, भव्य श्रृंगार और आरती का दृश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है। यही कारण है कि साहेब कोठी शिव मंदिर नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है।
भईया जी की रिपोर्ट