बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का रिजल्ट 3 अगस्त को आएगा। लेकिन इससे पहले ही महागठबंधन के दो बड़े दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने राजद नेता तेजस्वी पर सीधे—सीधे सरेंडर करने और बीजेपी से डील कर लेने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि आरजेडी अब महागठबंधन को लेकर सीरियस नहीं है। तेजस्वी यादव महागठबंधन को संभालने में नाकाम रहे। उन्होंने न तो बांकीपुर उपचुनाव में महागठबंधन के साथियों का उपयोग किया और न ही इंडिया गठबंधन के दलों के बीच समन्वय बनाने की कोशिश की।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के फैसलों और अंदरूनी राजनीतिक साठगांठ की वजह से ही चुनाव में गठबंधन को नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजद के मुख्य कोर वोटर आधार पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव अब अपना पारंपरिक माई समीकरण बचाने में भी पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। बांकीपुर चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में यादव और मुसलमान वोटर्स पूरी तरह बिखर गए। बांकीपुर उपचुनाव के दौरान RJD के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लग चुकी है और राजद नेतृत्व इसे रोकने में पूरी तरह फेल साबित हुआ।
कांग्रेस नेता असित नाथ तिवारी यहीं नहीं रुके और उन्होंने यह भी कह दिया कि राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि तेजस्वी यादव की भारतीय जनता पार्टी के साथ कोई अंदरूनी डील हो चुकी है। इसी वजह से वे गठबंधन के सहयोगियों को तवज्जो नहीं दे रहे तथा बांकीपुर चुनाव के दौरान गठबंधन की ताकत और सहयोगियों का सही इस्तेमाल ही नहीं किया। इसके अलावा कांग्रेस ने राजद की पिछली रणनीतियों को भी कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राजद ने ऐसा रुख अपनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी तेजस्वी यादव ने कई सीटों पर गठबंधन धर्म के खिलाफ जाकर फ्रेंडली फाइट का रास्ता चुना था। मगर तेजस्वी यादव न तो विधानसभा चुनाव सही से लड़ पाए और न ही वर्तमान में गठबंधन को संभालने में कामयाब हो पा रहे।