पटना/बाढ़ : पावन सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) गरिमा लोहिया एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-1) रामकृष्ण ने उमानाथ मंदिर-घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान अंचलाधिकारी (सीओ) रानी कुमारी, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी हिमानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहे पावन सावन माह में अनुमंडल के सुविख्यात उमानाथ मंदिर-घाट के अलावा अलखनाथ मंदिर-घाट, गौरीशंकर मंदिर-घाट, बनारसी घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करेंगे। यहां केवल पटना जिले ही नहीं, बल्कि बिहार के विभिन्न जिलों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों ने उमानाथ मंदिर परिसर एवं गंगा घाटों का भ्रमण कर सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ गरिमा लोहिया ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए वाटरप्रूफ पंडाल, कपड़े बदलने हेतु चेंजिंग रूम तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने नगर परिषद को मंदिर परिसर एवं घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा अतिक्रमण हटाने के आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से गंगा नदी में नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। घाटों पर दंडाधिकारी, पुलिस बल, एसडीआरएफ एवं प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान उमानाथ मंदिर-घाट परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट