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पूज्य श्याम चरण दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कराया कथा का रसपान, भागवत ईश्वर से जोड़ने का दिव्य मार्ग
बक्सर : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नया बाजार स्थित श्री सीताराम विवाह महोत्सव स्थल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का तृतीय दिवस शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पूज्य महंत श्री राजाराम शरण जी महाराज की आज्ञा एवं आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कथा का वाचन परम पूज्य गुरुदेव श्री नारायण दास भक्तमाली ‘श्री मामा जी महाराज’ (बक्सर वाले) के परम शिष्य पूज्य श्याम चरण दास जी महाराज द्वारा किया जा रहा है।
तृतीय दिवस की कथा में महाराज श्री ने भगवान के दिव्य स्वरूप और भक्ति की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने मानव जीवन में धर्म, सदाचार और सत्संग के महत्व को समझाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सीधे ईश्वर से जोड़ने का दिव्य मार्ग है। इसके नियमित श्रवण से मनुष्य के जीवन में असीम शांति, सद्बुद्धि एवं आध्यात्मिक जागरण का संचार होता है। पूज्य श्याम चरण दास जी महाराज ने कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन से अज्ञानता का अंधकार मिटता है और जीवन में शांति एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।”
कथा के दौरान प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजन-कीर्तन और भगवान के जयघोष से संपूर्ण कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। इस अवसर पर बक्सर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालु भक्तों से अपील की है कि वे प्रतिदिन समय पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें तथा अपने जीवन को धर्ममय एवं मंगलमय बनाएं।