पटना/बाढ़ : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पटना जिले के सुदूर टाल क्षेत्र स्थित सम्यागढ़ थाना के पुअनि सह थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
थानाध्यक्ष सौरभ कुमार पर आरोप है कि क्षेत्र में जेसीबी मशीन के संचालन की अनुमति देने के बदले परिवादी से साप्ताहिक रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस संबंध में परिवादी मनोज कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सम्यागढ़ थानाध्यक्ष जेसीबी के नियमित संचालन की अनुमति देने के लिए लगातार रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने का आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
इसके बाद मामला दर्ज कर वरीय पुलिस अधीक्षक अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया। सोमवार को योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत सम्यागढ़ थाना परिसर में जाल बिछाया गया। जैसे ही परिवादी मनोज कुमार ने थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27,000 रुपये की रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद थाना परिसर में हड़कंप मच गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम आरोपी थानाध्यक्ष से पूछताछ कर रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट