नवादा : किशोर न्याय परिषद् के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।किशोर न्याय अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 एवं संबंधित नियमावली तथा पाक्सो अधिनियम के संबंध में सभी थाना प्रभारी और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों के संवेदीकरण हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किशोर न्याय परिषद् के प्रधान दंडाधिकारी, देवब्रत कुमार के द्वारा किया गया। आयोजित कार्यक्रम में विशेष किशोर पुलिस इकाई के नोडल पदाधिकारी सह पुलिस उपाधीक्षक (मु०) निशु मलिक, परिषद् के सदस्यगण मधुबाला एवं मनोज कुमार उपस्थित थे।
पुलिस पदाधिकारी को बताते हुए उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किशोर के साथ बाल-मित्रवत व्यवहार करना और उन्हें सामान्य हाजत या हथकड़ी से दूर रखकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष तुरंत पेश करना है। अधिनियम के तहत पुलिस पदाधिकारी का मुख्य कर्तव्य बाल अपराध या बच्चों से जुड़े मामलों की विशेष संवेदनशील के साथ जांच करना होता है। विधि के विरूद्ध कार्य करने वाले बच्चा को हिरासत में लेने के बाद पुलिस का यह दायित्व है कि उस बच्चे के माता-पिता को अविलम्ब सूचना दें।
गिरफ्तार बच्चे का नाम व पता सार्वजनिक नही किया जाना है, किए जाने पर किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 74 की उपधारा (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। अनुसंधान के क्रम में उस किशोर को अभियुक्त उल्लेखित नही किया जाना है। किशोर न्याय अधिनियम यह प्रावधानवित करती है कि किशोर के वाद में अनुसंधान समाप्त कर अविलंब अंतिम प्रपत्र समर्पित करें तथा सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अपने अपने थाना में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी को नामित करे। इसके अलावे अन्य आवश्यक जानकारी भी दिया गया।
भईया जी की रिपोर्ट