पटना : नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार शहरी विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप नगर निकायों के पुनर्गठन, उत्क्रमण तथा क्षेत्र विस्तार की दिशा में सुनियोजित पहल कर रही है। इसी क्रम में विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र भेजकर नगर निकायों से संबंधित औचित्यपूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य के सतत एवं योजनाबद्ध शहरी विकास को नई गति मिल रही है। नगर निकायों के पुनर्गठन, क्षेत्र विस्तार एवं उत्क्रमण की यह पहल बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं तथा समावेशी विकास सुनिश्चित कर विकसित बिहार के संकल्प को साकार करेगी।
मिश्रा ने बताया कि जनगणना कार्य पूर्ण होने की निर्धारित तिथि 31 मार्च, 2027 के पश्चात राज्य में नए नगर निकायों के गठन, पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण तथा क्षेत्र विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने निर्णय लिया है कि जनगणना कार्य पूर्ण होने तक राज्य के नगर निकायों में दो या उससे अधिक नगरपालिका क्षेत्रों को एक नगरपालिका क्षेत्र के रूप में गठित करने, नगरपालिका क्षेत्र से संलग्न ग्रामीण क्षेत्रों को संबंधित नगर निकाय में शामिल करने, नए नगर निकायों के गठन तथा पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण से संबंधित प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। इससे जनगणना के उपरांत आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया को शीघ्र गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य के अनेक नगर निकायों में तीव्र गति से शहरीकरण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप कई संलग्न नगर निकायों की भौतिक संरचना, विकास का स्वरूप तथा नागरिक सुविधाएं लगभग समान हो गई हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक दक्षता, बेहतर शहरी नियोजन एवं नागरिक सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे नगर निकायों को एकीकृत कर एक नगरपालिका क्षेत्र के रूप में गठित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। राज्य के कई छोटे, तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के नगर पंचायत से नगर परिषद तथा कुछ बड़े नगर परिषदों को नगर निगम के रूप में उत्क्रमित किए जाने की संभावनाओं पर भी वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप विचार किया जाएगा।
साथ ही जिन नगर निकायों के आसपास शहरी क्षेत्र का विस्तार हुआ है, वहां संबंधित नगर निकायों के क्षेत्र विस्तार के प्रस्तावों पर भी आवश्यक परीक्षण किया जाएगा। मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शहरी विकास को सुव्यवस्थित, समावेशी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है। नगर निकायों का वैज्ञानिक पुनर्गठन, प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, प्रभावी शहरी सेवाएं तथा योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभाग इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, विधिसम्मत एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाएगा।
प्रभात रंजन शाही की रिपोर्ट