नवादा : जिले के वारिसलीगंज एस. एन. सिन्हा महाविद्यालय के प्रांगण में जिले के खैरा खुर्द निवासी युवा कवि प्रवेश कुमार सिन्हा कृत महाकाव्य ‘बेहया’ का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिलीप कुमार केसरी, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम, एस. एन. सिन्हा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रामचन्द्र प्रसाद सिंह, वारिसलीगंज की विधायक कुमारी अनीता, पूर्व विधायक अरुणा देवी सहित अनेक शिक्षाविदों एवं गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।
वक्ताओं ने कहा कि ‘बेहया’ केवल एक काव्य पुस्तक नहीं, बल्कि समाज के उपेक्षित, वंचित और साधारण लोगों के जीवन-संघर्ष का संवेदनशील दस्तावेज है। पुस्तक में सामान्यतः तुच्छ समझे जाने वाले बेहया फूल को प्रतीक बनाकर समाज के उन लोगों के जीवन को चित्रित किया गया है, जिनकी पीड़ा और संघर्ष अक्सर अनदेखे रह जाते हैं।
कार्यक्रम में कवि प्रवेश कुमार सिन्हा के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनकी रचनाएं यथार्थवादी दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और प्रकृति प्रेम से ओत-प्रोत हैं। बचपन में पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने वाले प्रवेश कुमार सिन्हा ने संघर्ष के बल पर मगध विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी लेखनी सरल, भावपूर्ण और जीवन की वास्तविकताओं को सहज ढंग से अभिव्यक्त करती है, जो पाठकों को गहराई से प्रभावित करती है।
अपने संबोधन में कवि प्रवेश कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘बेहया’ की कविताएं उनकी अंतरात्मा की अभिव्यक्ति हैं, जो समाज की वास्तविक स्थिति और मानवीय संवेदनाओं को शब्द देती हैं। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने किया। उन्होंने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘बेहया’ केवल एक शब्द या पुस्तक नहीं, बल्कि समाज के उपेक्षित और साधारण जनजीवन की मार्मिक व्याख्या है। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
भईया जी की रिपोर्ट