पटना। पटना जिले के मोकामा स्थित नौरंगा-जलालपुर के चर्चित सोनू–मोनू गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात चार थानों की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी की। बाढ़ एसडीपीओ-1 रामकृष्ण के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में गैंगस्टर सोनू सिंह और मोनू सिंह के पिता तथा पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रमोद सिंह पचमहला थाना कांड संख्या 27/26 में नामजद थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे।
एसडीपीओ रामकृष्ण ने बताया कि 23 मार्च को अवैध बालू खनन की सूचना पर पचमहला पुलिस ने गंगा घाट पर छापेमारी कर एक आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की थी। आरोप है कि उसी दौरान प्रमोद सिंह 15–20 लोगों के साथ पहुंचे, पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की एवं अभद्र व्यवहार किया, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई तथा जब्त मोटरसाइकिल को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर ले गए। बताया जाता है कि गुरुवार रात करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने सोनू–मोनू के घर की घेराबंदी कर कार्रवाई की और प्रमोद सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम को उसके परिजनों और समर्थकों ने घर के बाहर रोक दिया था। उस दौरान पुलिसकर्मियों एवं तत्कालीन थानाध्यक्षों की ऑन-कैमरा तलाशी लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे बिहार पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पचमहला के तत्कालीन थानाध्यक्ष कुंदन कुमार तथा हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार को निलंबित कर दिया गया था।
इधर, हाल के दिनों में पूर्व विधायक अनंत सिंह के करीबी समर्थक, पैक्स अध्यक्ष एवं सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में भी प्रमोद सिंह, सोनू सिंह और सौरभ सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, उस मामले में प्रमोद सिंह को अदालत से अग्रिम राहत प्राप्त थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें पुराने बालू खनन एवं पुलिस पर हमले से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट