भोजपुर के शाहपुर थानांतर्गत बिलौटी गांव में भरत तिवारी के कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर के बाद आज गुरुवार को जनाक्रोश भड़क उठा। मृतक भरत के परिजनों और ग्रामीणों ने सरेंडर के बाद भी पुलिस द्वारा उसकी गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए उसके शव को बक्सर—पटना फोर लेन पर रख कर जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसे भारी भीड़ का आक्रोश झेलना पड़ा। पुलिस को लोगों को सड़क से हटाने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा, लेकिन खबर है कि भारी भीड़ अभी भी वहां डटी हुई है। इधर आरा एसपी ने इस मामले को ठीक से हैंडल नहीं करने और लापरवाही बरतने के आरोप में शाहपुर के SHO समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
सरेंडर के बाद गोली मारने का पुलिस पर आरोप
सनद रहे कि शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एक मानसिक विकार से ग्रस्त युवक भरत तिवारी द्वारा पिस्टल लहराने और फायरिंग करने बाद पुलिस ने उसपर काबू पाने के लिए जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मार दी। पुलिस की फायरिंग में उसको तीन गोलियां लगी जिसके बाद उसको इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में उसे डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद लोगों का आक्रोश भड़क उठा। लोग पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करके फांसी देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल आरा-बक्सर फोर लेन सड़क पूरी तरह जाम हो गई है।
इस मामले में पुलिस का दावा है कि युवक ने फायरिंग की थी, जबकि परिवार का आरोप है कि सरेंडर के बाद उसे गोली मारी गई। अब पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है। एक तरफ पुलिस कह रही है कि युवक ने हथियार से फायरिंग की, लेकिन परिवार का दावा है कि सरेंडर के बाद उसे गोली मार दी गई। कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर में मौत के बाद गांव में आक्रोश फूट पड़ा है और शव के साथ लोगों ने सड़क जाम कर दिया है। मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि जिस तरह से सरेंडर करने के बाद उसके बेटे की गोली मारकर हत्या की गई है, यह कहीं से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटे ने पिस्तौल पुलिसकर्मियों के सामने फेंक दिया था जिसके बाद उसको गोली मार दी गई और उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा कोई अपराधी नहीं था और न ही उसके ऊपर कोई मुकदमा दर्ज था, फिर भी उसकी हत्या कर दी गई।