– बिहार-झारखंड सीमा पर इंट्री माफिया के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर चार गिरफ्तार
नवादा : बिहार-झारखंड सीमा क्षेत्र में कथित रूप से संचालित अवैध कारोबार के नेटवर्क के खिलाफ नेमदारगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार इंट्री माफियाओं को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में सक्रिय अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है । नेमदारगंज थानाध्यक्ष ने चारों आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
अवैध कारोबार में संलिप्त इनलोगों की गिरफ्तारी हुई
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अकील खां (पिता- सरफराज खां), निवासी मोगलाखार, बुंदेलखंड, नवादा; हसमत खां (पिता- उम्रदराज खां), निवासी अंसार नगर, बुंदेलखंड, नवादा; मोहम्मद कमरान खान उर्फ बादशाह (पिता- शकील खां), निवासी बड़ी दरगाह, नगर थाना क्षेत्र, नवादा तथा मोहम्मद आदिल राशिद खान (पिता- हारून रशीद खान), निवासी अजीमाबाद, बकरी मंडी नाला, पटना के रूप में हुई है।
आरापियों से घंटों पूछताछ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में अवैध कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। इसी क्रम में की गई कार्रवाई के दौरान चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है और इसके तार किन-किन क्षेत्रों तक जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपितों से घंटों पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
लंबे समय से मिल रही थी सूचना
गौरतलब है कि बिहार-झारखंड सीमा क्षेत्र लंबे समय से विभिन्न अवैध गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में नेमदारगंज थाना पुलिस की यह कार्रवाई सीमा पार संचालित कथित अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है। सूत्रों का मानना है कि गिरफ्तार से पहले सौदा का प्रयास किया गया लेकिन जब बात नहीं बनी लगभग दस घंटे बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी। सूत्रों का मानना है कि खनन व पुलिस की मिलीभगत से नाक के नीचे इंट्री माफिया का काम करने वाले सुनील पाण्डेय की गिरफ्तारी के बजाय संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर पाण्डेय के धंधे को न केवल मजबूती प्रदान किया गया बल्कि अपने आकाओं के समक्ष सर ऊंचा कर अपनी गद्दी सुरक्षित करने का काम किया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल सुनील की गिरफ्तारी कब?
भईया जी की रिपोर्ट