राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राज्य के कई जिलों में फर्जी निबंधन के आधार पर दाखिल-खारिज किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। निबंधन विभाग द्वारा ऐसे मामलों की रिपोर्ट किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में सभी स्तर के अधिकारी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान बसेरा-2 के मामलों में तेजी लायें
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के क्रम में माननीय मंत्री ने दसवें दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नालंदा, खगड़िया एवं समस्तीपुर जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि अभियान बसेरा-2 राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इस योजना से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने कहा कि एक ही जिले के कुछ अंचल उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ अंचलों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे आपस में नियमित संवाद करें, कार्यप्रणाली पर चर्चा करें तथा बेहतर कार्य कर रहे अंचलों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करें। इससे पिछड़े अंचलों को भी कार्यों में गति लाने में सहायता मिलेगी।
नालंदा, खगड़िया व समस्तीपुर की समीक्षा
राजस्व कार्यों के निष्पादन में आने वाली तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में जानकार कर्मियों की एक टीम गठित कर तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि राजस्व मुख्यालय स्थित आईटी सेल के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि ऑनलाइन सेवाओं एवं पोर्टलों से संबंधित समस्याओं का समय पर निराकरण हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस एवं सहयोग शिविर से संबंधित सभी मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा निष्पादन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा में प्रगति की पुनः जांच की जाएगी और अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारी उपस्थित रहे। विभाग के सचिव श्री जय सिंह, विशेष सचिव श्रीमती इनायत खान एवं अपर सचिव श्री प्रशांत सीएच ने विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं उनके निष्पादन की समीक्षा की गई। साथ ही म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर एवं आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।