– पांच सदस्यीय जांच कमिटी ने सदर अस्पताल पहुंचकर शिकायतकर्ता, विधायक विभा देवी समेत प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए
नवादा : नगर के केंदुआ स्थित बहुचर्चित धर्मशीला देवी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल अब जांच के घेरे में फंसता दिख रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद द्वारा दायर मुकदमे की उच्च स्तरीय जांच फिर शुरू हो गई।
जांच कमिटी ने लिए बयान
2 जून को पहुंची पांच सदस्यीय जांच कमिटी ने सदर अस्पताल में कैंप कर पूरे दिन बयान दर्ज किए। शिकायतकर्ता राजबल्लभ प्रसाद खुद जांच दल के सामने पेश हुए। उन्होंने अपने पुत्र अखिलेश कुमार की मौत के पूरे घटनाक्रम को लिखित और मौखिक दोनों रूप में रखा। राजबल्लभ ने अस्पताल संचालक पर लगे सभी आरोप दोहराते हुए कहा कि इसके पहले भी डॉक्टरों की लापरवाही और प्रबंधन के भ्रष्ट रवैये से कई मरीजों की जान जा चुकी है।
विधायक विभा देवी भी पहुंचीं जांच दल के सामने
सदर विधायक विभा देवी ने भी जांच दल को अपना पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि “अगर धर्मशीला अस्पताल के डॉक्टर मेरे बेटे को 2 घंटे पहले रेफर कर देते तो उसकी जान बच जाती”। उन्होंने अखिलेश के इलाज के दौरान हुई पूरी घटना का ब्यौरा लिखित बयान में दिया और मांग की कि अस्पताल को तत्काल सील कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
फर्जी मरीज, किडनी कांड और रेफरल रैकेट का गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री ने जांच दल के सामने कई विस्फोटक खुलासे किए। सदर अस्पताल के कर्मी जो धर्मशीला अस्पताल के पार्टनर भी हैं, मरीजों को बहला-फुसलाकर वहां ले जाते हैं और फिर शोषण करते हैं। बजाज स्वास्थ्य बीमा कंपनी के मुकदमे में आरोप है कि सदर अस्पताल से रेफर किए गए फर्जी मरीजों के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी हुई है। कादिरगंज के एक बालक की किडनी निकालकर बेचने का मामला भी उठाया गया, जिसका साक्ष्य शिकायतकर्ता ने जांच दल को सौंपा।
इसके अलावा कई पीड़ित अभिभावकों ने भी अस्पताल प्रबंधन की कारगुजारियों को जांच टीम के सामने रखा। बयान के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजबल्लभ प्रसाद ने कहा, “हॉस्पिटल प्रबंधक का आपराधिक चरित्र कई बार सामने आ चुका है, फिर भी लाइसेंस बरकरार है, यह आश्चर्य की बात है”। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई वे न्याय मिलने तक लड़ेंगे, सामने वाला चाहे जितना ताकतवर और रसूखदार क्यों न हो। पूर्व मंत्री ने जांच दल से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताते हुए कहा कि इससे आम जनता को ऐसे भ्रष्ट अस्पताल से निजात मिलेगी।
भईया जी की रिपोर्ट