-ईंट भट्ठों पर कार्यरत प्रवासी परिवारों के बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश
नवादा : समाहरणालय, सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अंतर्गत संचालित निपुण भारत मिशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चों का पठन-पाठन नियमित एवं प्रभावी बनाए रखने हेतु टोला सेवक, शिक्षा सेवक एवं पंचायत स्तरीय सहयोग से विशेष अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कक्षा 01 से 03 तक के बच्चों की पढ़ने, लिखने एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं का नियमित आकलन सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के क्रम में बताया गया कि प्रखंडवार सर्वे प्रतिवेदन के अनुसार हिसुआ, नवादा, नरहट एवं अकबरपुर प्रखंडों में कक्षा 01 के बच्चों की भाषा संबंधी दक्षता 70 प्रतिशत से कम पाई गई है। इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान को निर्देश दिया कि शेष 25 से 30 प्रतिशत बच्चों को ग्रीष्मावकाश के दौरान लक्ष्य निर्धारित कर शत-प्रतिशत दक्षता दिलाना सुनिश्चित करें। बैठक में भूमिहीन एवं भवनहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि 08 भूमिहीन विद्यालयों में से 05 विद्यालयों हेतु भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
शेष 03 विद्यालय—उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय वरियो (नारदीगंज), रामपुर (गोविंदपुर) एवं शिखरपुर (रोह) में भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिला पदाधिकारी ने संबंधित प्रधानाध्यापकों से समन्वय स्थापित कर यू-डायस पोर्टल पर अद्यतन जानकारी अपलोड करने तथा भूमिहीन एवं भवनहीन विद्यालयों से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रत्येक विद्यालय में कक्षा वार निपुणता पंजी का संधारण किए जाने का निदेश दिया गया। बैठक में बताया गया कि जिले के 21 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के अंतर्गत किया गया है, जिन्हें अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।
साथ ही जिले के सभी 14 प्रखंडों में एक-एक मॉडल विद्यालय चिन्हित किया गया है, जहाँ विभागीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। आरटीई के अंतर्गत नामांकन प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु ज्ञानदीप पोर्टल पर कुल 2318 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 2285 बच्चों को रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से विद्यालय आवंटित किया गया, जिनमें 1646 बच्चों का नामांकन पूर्ण हो चुका है। 292 बच्चों ने विभिन्न कारणों से आबंटित विद्यालय में नामांकन नहीं लेने का निर्णय लिया तथा शेष द्वारा नामांकन के सम्बंध में निर्णय लिया जाना है।
बैठक में बताया गया कि कक्षा 01 से 08 तक के विद्यार्थियों के लिए कुल 2,53,866 पाठ्य पुस्तकें सभी प्रखंड संसाधन केंद्रों को उपलब्ध करा दी गई हैं। शेष 35397 पुस्तकों की अधियाचना विभाग को भेजी जा चुकी है। जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ईंट भट्ठों पर कार्यरत प्रवासी परिवारों के 03 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को चिन्हित कर विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रवासी परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु ग्रीष्मावकाश के दौरान टोला सेवकों एवं शिक्षा सेवकों के माध्यम से विशेष सर्वे अभियान चलाकर वास्तविक आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन), कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट