सासाराम रेलवे स्टेशन पर आज सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेशन पर खड़ी भभुआ—सासाराम-पटना इंटरसिटी ट्रेन में अचानक आग लग गई। आग ट्रेन की जनरल बोगी में लगी और देखते ही देखते इसने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। उस समय ट्रेन यात्रियों से भरी हुई थी। जैसे ही लोगों ने धुआं और लपटें देखी, सभी ट्रेन से उतरकर भागने लगे। यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग ने जनरल बोगी को पूरी तरह खाक कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। समय रहते कार्रवाई किए जाने के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया और कड़ी मशक्कत के बाद आग को शांत किया जा सका। रेल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुट गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कोई हताहत नहीं, दमकल टीम एक्शन में
सासाराम के आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग लगने की इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और स्थिति को तेजी से नियंत्रण में कर लिया गया। उन्होंने कहा कि आग लगने की कारणों की जांच की जा रही है। शार्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है लेकिन यात्रियों द्वारा ज्वलनशील पदार्थ ले जाए जाने के एंगल पर भी जांच हो रही है। आग लगने के बाद स्टेशन परिसर में धुएं का गुबार फैल गया। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मियों ने बिना देर किए स्टेशन पर लगी पानी की पाइपों के जरिए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पाया।
पता लगाया जा रहा कि कैसे लगी आग?
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद प्रभावित बोगी को अलग कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक वजह साफ हो पाएगी। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए स्टेशन पर रेल परिचालन प्रभावित रहा, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। ट्रेन में आग लगने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। अधिकांश मामलों में शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या ज्वलनशील सामान को वजह माना गया है। ऐसे हादसों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर कई बार सवाल खड़े किए हैं।