नवादा : जिले के संवेदनहीन प्रशासन के कारण गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय बाजार सह पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित सकरी नदी के किनारे स्थापित लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की 50 हजार गैलन क्षमता वाली जल मीनार पिछले दो सप्ताह से सफेद हाथी बनी हुई है। सूचना राज्य अल्पसंख्यक आयोग सदस्य अफरोजा खातुन ने डीएम को पूर्व में दिये जाने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। मोटर में आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्र की पेयजलापूर्ति पूरी तरह ठप है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है, जिससे पांच वार्डों के करीब 1400 उपभोक्ता भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरह रहे हैं।
महिलाओं और बच्चों की बढ़ी मुसीबत, चापाकलों पर लग रही लम्बी कतारें
जलापूर्ति बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। दैनिक उपयोग के पानी के लिए लोगों को सुबह होते ही दूसरे के घरों और सार्वजनिक चापाकलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। स्थिति यह है कि कई बार पानी मांगने पर लोगों को असहज स्थिति और तानों का सामना करना पड़ रहा है।
सारा काम प्रभावित
किरण देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, पिछले 12-14 दिनों से पानी की एक बूंद नहीं आई है। खाना बनाने, बर्तन धोने से लेकर कपड़े साफ करने तक के सारे काम ठप हैं। मजबूरी में दूसरों के घर से पानी मांगकर लाना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी हमेशा पानी नहीं मिलता और कई बार लोगों की बातें सुननी पड़ती हैं।
गर्मी बढ़ने से स्थिति हुई विकराल, विभाग मौन
गौतम कुमार ने बताया कि गोविंदपुर में पानी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। दो सप्ताह से सप्लाई बंद होने के कारण लोगों में त्राहि-त्राहि मची है। उन्होंने मांग की है कि विभाग को एसी कमरों से बाहर निकलकर तुरंत मोटर की मरम्मत करानी चाहिए ताकि जनता को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके। ग्रामीणों के अनुसार जल मीनार बंद होने से सुबह- शाम पानी के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। जो परिवार सक्षम हैं, वे निजी तौर पर इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर हैं। जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, जल संकट एक बड़ी जन-समस्या का रूप लेता जा रहा है।
उग्र आंदोलन की तैयारी में जुटे लोग
आक्रोशित जनता ने पीएचइडी (PHED) विभाग के आला अधिकारियों से अविलंब मोटर ठीक कराकर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की गुहार लगाते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कुछ दिनों के भीतर जल मीनार चालू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। कुछ इसी प्रकार की स्थिति भवनपुर पंचायत वार्ड नंबर दो की है। यहां पांच वर्षों से नल जल योजना ठप रहने के बावजूद जिला प्रशासन मौन साध रखा है।
भईया जी की रिपोर्ट