नवादा : जिले के रूपौ थाना क्षेत्र के शुम्भा पहाड़ी की घने जंगल से पांच वर्षीय मासूम के शव के अवशेष बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरसा गांव निवासी कन्हैया कुमार पंडित के पुत्र दीपांशु कुमार के रूप में की गई है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, दीपांशु सात मई 2026 को घर के पास खेलते समय अचानक लापता हो गया था। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद कसार थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शेखपुरा पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर अनुसंधान आरंभ किया था। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान पुलिस को साइबर अपराध से अर्जित रुपये के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने मासूम की जान ले ली। तकनीकी एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने संतोष मांझी, प्रदीप मांझी, अजीत मांझी और संदीप मांझी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बच्चे के अपहरण और हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। निशानदेही पर रूपौ थाना क्षेत्र के नावाडीह एवं भीखमपुर गांव की सीमा से सटे शुम्भा पहाड़ी जंगल से मासूम के शव के अवशेष और कपड़े बरामद किए गए।
गला दबाकर हत्या
पुलिस के मुताबिक, अपहरण के बाद दीपांशु की गला दबाकर हत्या के बाद पहचान छिपाने की नीयत से शव को जंगल में फेंक दिया गया। सूचना मिलते ही एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। बरामद अवशेषों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है। घटना के खुलासे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क और लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके।
भईया जी की रिपोर्ट