पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गई। एक वकील के गेट—अप में आज सुबह 11 बजे कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी ने पोस्ट-पोल वायलेंस से जुड़े मामले में अपनी बात रखने के लिए अदालत का रुख किया। इस संबंध में पहले ही हाईकोर्ट में 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद कथित हिंसा को लेकर एक जनहित याचिका दाखिल की जा चुकी है। अब इसी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें ममता बनर्जी खुद अपना पक्ष रखने पहुंची हैं। लोगों ने आज कलकत्ता हाईकोर्ट के बाहर ममता बनर्जी को पूरे वकील के लुक में देखा।
ममता बनर्जी ने अदालत में दलील दी
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने कोर्ट से कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही हिंसा, आगजनी और हत्या की घटनाएं हो रही हैं। राज्य को इस तरह खुलेआम बुलडोजर स्टेट नहीं बनने देना चाहिए। कोर्ट पुलिस को निर्देश दे कि सभी पोस्ट-पोल हिंसा मामलों में FIR दर्ज की जाए। इधर कोर्ट के बाहर तृणमूल के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पोस्ट-पोल हिंसा के नाम पर राज्य में अराजकता फैलाई जा रही है। कई जगहों पर गंभीर हंगामा और अशांति देखने को मिल रही है। TMC कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल कई कार्यकर्ता अपने घरों पर नहीं रह पा रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई का भी उठा मुद्दा
याचिकाकर्ता पक्ष के वकील विकास भट्टाचार्य ने कोर्ट का ध्यान कोलकाता के हॉग मार्केट यानी न्यू मार्केट की घटना की ओर दिलाया और कहा कि 4 मई की रात यहां कथित तौर पर अस्थायी दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया। वकील भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि मुस्लिम दुकानदारों को निशाना बनाया गया। इस पर कल्याण बनर्जी ने भी कहा कि बुलडोजर कार्रवाई अवैध थी क्योंकि इस दौरान करीब 400 साल पुराने ढांचे का हिस्सा तोड़ा गया। फिलहाल इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है और अदालत के निर्देशों पर सभी की नजर है। यह मामला बंगाल की सियासत और कानून-व्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।