रिपोर्ट : विनय
विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के 3-4 मई 2026 की देर रात करीब 1:10 बजे अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर जाने से भागलपुर—नवगछिया समेत पूरे क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुल के पाया संख्या 133 के बैठ जाने के कारण यह हादसा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन सेतु पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। इस घटना के बाद भागलपुर से कटिहार, नवगछिया, पूर्णिया समेत कई जिलों के बीच सीधा संपर्क बाधित हो गया है। पहले जहां लोग आसानी से सड़क मार्ग से कम दूरी तय कर भागलपुर पहुंचते थे, अब उन्हें लगभग 150 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोग विकास कुमार, सुमन सिंह, नीरज कुमार, सहित प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पुल की मरम्मत में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है।
3 माह से पहले मरम्मत असंभव
पुल टूटने का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। कटिहार जिले से प्रतिदिन 3 से 5 हजार लोग भागलपुर आते-जाते थे, जिनमें व्यवसायी, छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा शामिल हैं। अब ये लोग वैकल्पिक और जोखिम भरे मार्ग अपनाने को मजबूर हैं। कई यात्री मनिहारी के रास्ते नाव या अन्य साधनों से गंगा पार कर रहे हैं, तो कुछ नवगछिया हाई लेवल पुल के रास्ते बरारी होते हुए लंबा चक्कर काट रहे हैं। कटिहार अस्थायी बस पड़ाव पर यात्रियों और बस संचालकों ने बताया कि इस स्थिति ने यात्रा को न केवल महंगा बल्कि असुविधाजनक बना दिया है। वहीं, भवन निर्माण सामग्री के कारोबार पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ट्रक संचालकों के अनुसार, गिट्टी और बालू की ढुलाई अब लंबी दूरी से करनी पड़ रही है, जिससे लागत बढ़ गई है। पहले जहां बालू का दाम लगभग 6000 रुपये प्रति सीएफटी था, अब उसमें 6 से 10 रुपये प्रति सीएफटी तक की वृद्धि हो गई है।
बढ़ी दूरी से कारोबार में भारी घाटा
दूसरी ओर, बंगाल सीमा पर चुनावी प्रतिबंध और इस सेतु के क्षतिग्रस्त होने से परिवहन व्यवस्था और प्रभावित हुई है। भागलपुर का प्रसिद्ध सिल्क उद्योग भी इससे अछूता नहीं है। कारोबारि राहुल कुमार, मो सैफुद्दीन सहित अन्य लोगों का कहना है कि कटिहार और पूर्णिया के बाजार तक समय पर माल पहुंचाना मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कुल मिलाकर, विक्रमशिला सेतु की क्षति ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और जनजीवन दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। प्रशासन द्वारा शीघ्र मरम्मत की उम्मीद की जा रही है, ताकि हालात सामान्य हो सकें।