नई दिल्ली/मुंबई। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए मई महीने का आखिरी सप्ताह मुश्किलों भरा हो सकता है। बैंक कर्मचारियों के संगठन All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के ठीक पहले 23 मई को चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं लगातार चार दिनों तक बंद रह सकती हैं। ऐसे में आम नागरिकों से लेकर व्यापारियों तक की चिंताएं बढ़ गई हैं।
बैंक कर्मचारी संघ का आरोप है कि प्रबंधन लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है। कर्मचारियों की मुख्य नाराजगी है कि पर्याप्त भर्तियां न होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। उन्हें बैंक के कार्यों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया पर आपत्ति है। साथ ही पेंशन से जुड़े पुराने लंबित मुद्दों का समाधान न होना मुख्य कारण बताया जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है।
अगर चार दिनों तक बैंक शाखाएं बंद रहती हैं, तो ग्राहकों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कैश जमा और निकासी, पासबुक अपडेट और केवाईसी (KYC) जैसे कार्य ठप रहेंगे। लगातार बंदी के कारण चेक क्लियरेंस में देरी होगी, जिससे व्यापारिक लेनदेन प्रभावित होगा। ऋण वितरण और दस्तावेजों से जुड़े कार्य रुक जाएंगे। हालांकि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी खामियां आने की आशंका बनी रहती है।
लगातार चार दिनों की संभावित बंदी को देखते हुए कई ग्राहकों ने अपने जरूरी बैंकिंग कार्य समय से पहले ही निपटाने शुरू कर दिए हैं। व्यापारियों का मानना है कि महीने के अंत में इतनी लंबी बंदी से कैश फ्लो प्रभावित हो सकता है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को परेशानी होगी। ग्राहकों को सुझाव दिया जाता है कि वे 23 मई से पहले अपने अनिवार्य बैंकिंग कार्य पूरे कर लें और आपात स्थिति के लिए डिजिटल माध्यमों का विकल्प तैयार रखें।