सिवान में आज गुरुवार तड़के एक मुठभेड़ में पुलिस ने बीती शाम बीजेपी के पूर्व एमएलसी के भांजे की हत्या करने वाले आरोपी छोटू यादव को गोली मारकर दबोच लिया। एनकाउंटर में एमएलसी के भांजे हर्ष सिंह की हत्या करने वाले छोटू यादव के पैर में गोली लगी है। छोटू यादव हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ा का रहने वाला बताया जाता है और उसे गंभीर हालत में ईलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। बताया जाता है कि एमएलसी की हत्या के बाद सिवान एसपी पूरन कुमार झा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो उसमें आरोपी छोटू यादव गोली चलाते हुए साफ नजर आया। इस फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हुसैनगंज के हथौड़ा गांव निवासी छोटू यादव को चिन्हित कर दबिश दी और उसे हिरासत में लिया।
हथियार बरामदगी के दौरान एनकाउंटर
छोटू से पूछताछ के बाद पुलिस उसे लेकर उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद कराने के लिए ले गई। बताए गए ठिकाने पर पहुंचते ही आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। बताया जाता है कि इस दौरान आरोपी छोटू यादव ने पुलिस टीम पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाईं। जवाब में आत्मरक्षार्थ पुलिस ने तीन राउंड फायरिंग की जिसमे से दो गोलियां आरोपी के दोनों घुटनों में लगीं और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया तथा उसे ईलाज के लिए अस्पताल ले गई। घायल आरोपी को पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर कर दिया गया है।
जांच में पता चला है कि छोटू यादव एक पेशेवर अपराधी है और हाल ही में छपरा जेल से जमानत पर बाहर आया था। इधर भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी के भांजे ही हत्या वाली घटना का एक दहला देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें बारिश के बीच आरोपी को सरेआम गोलियां बरसाते हुए देखा जा रहा है। फायरिंग में हर्ष को तीन गोलियां लगीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता चंदन सिंह अभी भी जीवन-मौत की जंग लड़ रहे हैं। विदित हो कि सिवान में बीती शाम रोड रेज के एक मामले में नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास मामूली सड़क विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि अपराधियों ने भाजपा नेता मनोज कुमार सिंह के भांजे हर्ष कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि उनके बहनोई चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। चंदन सिंह अपने पुत्र हर्ष कुमार सिंह के साथ तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में वे गाड़ी खड़ी कर परिवार के अन्य सदस्यों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उनकी कार की दूसरी गाड़ी से हल्की टक्कर हो गई, जो मामूली विवाद से शुरू होकर खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद बढ़ने पर छोटू यादव और अन्य आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।