बेगूसराय : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने बेगूसराय दौरे के दौरान बिहार की राजनीति और विपक्षी गठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव के ‘लालू की पाठशाला’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राजद अब केवल परिवारवाद का केंद्र बनकर रह गई है, जिसके कारण वहां के कद्दावर नेता पार्टी छोड़ने को मजबूर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा एक विशाल समुद्र की तरह है। जहाँ नेता किसी दबाव में नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की विचारधारा से जुड़ने आते हैं।
दरअसल, गिरिराज सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली और विचारधारा का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा एक विशाल समुद्र की तरह है। भाजपा गंगा और समुद्र है, जहाँ नेता किसी दबाव में नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की विचारधारा से जुड़ने आते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री और बिहार के सम्राट चौधरी जैसे नेता आज पार्टी में गौरवपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि यदि लालू की पाठशाला इतनी ही प्रभावशाली होती, तो उनके करीबी नेता आज बीजेपी में नहीं होते।
बेंगलुरु में परीक्षा के दौरान छात्रों से कथित तौर पर जनेऊ उतरवाने के मामले पर गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरते हुए कहा कि चुनाव के समय जनेऊ और धार्मिक पहचान का प्रदर्शन करने वाले नेता आज चुप क्यों हैं? कांग्रेस सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर हिंदू प्रतीकों का अपमान क्यों किया जा रहा है। वहीँ, पश्चिम बंगाल में चल रही केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार में भ्रष्टाचार (PDS घोटाला) की पोल खुल चुकी है। जो जैसा करेगा, उसे वैसा ही परिणाम भुगतना पड़ेगा।