बिहार में नई सम्राट चौधरी सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले आज शनिवार को राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा मध्यप्रदेश स्थित उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे हैं। वहां उन्होंने आज तड़के महाकालेश्वर मंदिर में पूजन किया और भस्म आरती में शामिल हुए। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले उनकी इस महाकाल यात्रा को उनकी महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, बिहार में 4 मई के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है। माना जा रहा कि इसी के मद्देनजर भगवान के दरबार में विजय सिन्हा अपने लिए उज्जवर सियासी भविष्य की कामना का आशीर्वाद मांगने गए हैं। विजय सिन्हा को हाल में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार में उप मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। जबकि वे एनडीए की पिछली दो सरकारों में डिप्टी सीएम थे।
बताया जाता है कि विजय सिन्हा को नई सम्राट सरकार के पहले कैबिनेट का विस्तार में मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है।
इसीलिए वे कैबिनेट विस्तार से करीब 10 दिन पहले आज शनिवार को सपरिवार उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे और पूजन के बाद भस्म आरती में शामिल हुए। भस्म आरती के बाद विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कालों के काल हैं महाकाल। महाकाल की नगरी उज्जैन में आकर सनातन संस्कृति की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गौरतलब है कि महाकाल की भस्म आरती तड़के 3 बजे के बाद होती है। पूजन के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने भगवान से बिहार और बिहार के लोगों के कल्याण की कामना की है। मां भारती की संतानों को, बिहार की भूमि को, खोए हुए गौरव को फिर से जागृत करने की कामना है। हर बिहारी गौरवान्वित हो और सभी पर महाकाल की कृपा बने, यही प्रार्थना है।
मालूम हो कि बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें नीतीश कुमार के बिहार से केंद्र में जाने पर मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। वे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पिछली दो सरकारों में उप मुख्यमंत्री रहे। हालांकि मुख्यमंत्री पद सम्राट चौधरी को मिला और इस नई सरकार में अब तक विजय सिन्हा को कोई पद नहीं मिला है। माना जाता है कि विजय सिन्हा को कोई पद न मिलने से भूमिहारों सहित अन्य सवर्ण समुदाय के लोग नाराज हैं। ऐसे में बीजेपी के सामने विजय कुमार सिन्हा के साथ बिहार के सवर्ण समुदाय को भी संतुष्ट करने की चुनौती है। नवंबर 2025 में गठित पिछली सरकार में मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास और उप मुख्यमंत्री के दो पद बीजेपी के पास थे। नीतीश के राज्यसभा में जाने के बाद बीजेपी के नेतृत्व में नवगठित सम्राट चौधरी सरकार में सीएम पद बीजेपी को और उप मुख्यमंत्री के दो पद जेडीयू को मिले हैं।