Patna : बिहार सरकार ने शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए राजधानी पटना समेत राज्य के 11 प्रमुख शहरों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप बसाने का मास्टर प्लान तैयार किया है। हालांकि, योजना के शुरुआती चरण में ही सरकार ने इन चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिस पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस फैसले के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट लिखकर सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा आरोप लगाईं है।
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार के इस फैसले को ‘अव्यावहारिक’ और ‘मानसिक संतुलन खोने वाला’ निर्णय बताया है। रोहिणी ने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री राजस्व का बड़ा स्रोत है। इस रोक से बिहार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ेगी। उन्होंने तर्क दिया कि आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए जमीन की खरीद-बिक्री सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों (जैसे शादी या बीमारी) को पूरा करने का एक बड़ा माध्यम है। इस रोक से लोगों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।
वहीँ, रोहिणी ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह सब “बीजेपी के पूंजीपति आकाओं” को फायदा पहुँचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव देकर निजी घरानों को मनमाना मुनाफा कमाने का मौका दिया जाएगा। रोहिणी आचार्य के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे भविष्य के बिहार के लिए एक ‘गेम चेंजर’ योजना बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता की जमीन हड़पने और रियल एस्टेट लॉबी को फायदा पहुँचाने का जरिया करार दे रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि शहरों पर बढ़ते आबादी के बोझ को कम करना और व्यवस्थित तरीके से नए इलाके बसाने के लिए ऐसा फैसला लिया जा रहा है। इन टाउनशिप में सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं होंगी। पारदर्शिता बनाए रखने और भू-माफियाओं के हस्तक्षेप को रोकने के लिए सरकार ने संबंधित क्षेत्रों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई है। लेकिन, सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर अब एक बड़े राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। देखना यह होगा कि क्या सरकार जनभावनाओं और विपक्ष के आरोपों को देखते हुए अपने फैसले में कोई संशोधन करती है या नहीं।