नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड प्रमुख संतोष कुमार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। शनिवार को आयोजित विशेष बैठक में प्रस्ताव के पक्ष में 10 वोट पड़े, जबकि प्रमुख सहित उनके समर्थक सदस्य बैठक में शामिल ही नहीं हुए। प्रखंड के 14 पंचायत समिति सदस्यों में से 10 सदस्य बैठक में उपस्थित हुए।
हैरानी की बात यह रही कि खुद प्रमुख संतोष कुमार समेत उनके पक्ष के चार सदस्य पूरी प्रक्रिया से दूर रहे। बैठक की अध्यक्षता उप प्रमुख गोरेलाल चौधरी ने की, जबकि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उप समाहर्ता शंभू शरण पांडेय पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने प्रमुख पर लगे आरोपों को सदन में पढ़कर सुनाया। इसके बाद सदस्यों के बीच चर्चा हुई और गुप्त मतदान कराया गया। मतदान में उपस्थित सभी 10 सदस्यों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया।
इस तरह 14 सदस्यीय सदन में 10-4 के अंतर से प्रस्ताव पारित हो गया और संतोष कुमार को पद छोड़ना पड़ा। बीडीओ अश्वनी कुमार ने बताया कि नियमानुसार पूरी प्रक्रिया पूरी की गई है और निर्णय की सूचना जिला प्रशासन को भेज दी गई है। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब प्रखंड में नए प्रमुख के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही चुनाव की तिथि घोषित की जाएगी।
बता दें प्रमुख करोड़ों रुपए के गवनारोपी हैं। जिले के आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने उनके विरुद्ध लगाये गये आरोपों को प्रमाणित कर चुके हैं। लोकप्रहरी की अदालत में मामला न केवल लम्बित है बल्कि जिले के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मामले को लटकाया जा रहा है। वैसे गवन की गयी राशि वसूली के लिए प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना है। बहरहाल फिलहाल कुर्सी गयी है लेकिन शेष कार्रवाई होनी शेष है।
भईया जी की रिपोर्ट