नवादा : जिले में अगलगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र के मोसमा (वार्ड नंबर 12) का है, जहां बधार में खड़ी गेहूं की फसल में भीषण आग लग गई। इस घटना में तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते दर्जनों किसानों की मेहनत की कमाई जलकर खाक हो गई। आग लगने का मुख्य कारण खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन से निकली चिंगारी को माना जा रहा है। फसल पूरी तरह सूखी होने और तेज हवा चलने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। जैसे ही बधार से धुएं का गुबार और लपटें उठीं, किसानों में चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वारिसलीगंज थानाध्यक्ष और फायर ब्रिगेड को दी। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक आग की लपटों ने एक बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था। दर्जनों एकड़ में खड़ी तैयार गेहूं की फसल राख के ढेर में बदल गई। इस भीषण अग्निकांड के बाद पीड़ित किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। दाने-दाने को मोहताज हुए किसानों ने जिला प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत उचित मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की पूंजी और मेहनत इस आग की भेंट चढ़ गई है।
हैरानी की बात यह है कि जिले में बीच-बीच में हो रही बूंदाबांदी के बावजूद अगलगी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जिले के हिसुआ, अकबरपुर और गोविंदपुर प्रखंड में अब तक लगभग 500 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बिजली विभाग के रखरखाव और फायर ब्रिगेड की तत्परता पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
भईया जी की रिपोर्ट